'शबानी, बीता, डायना और नेजाती को कोई सजा मत देना', ट्रंप ने 8 महिलाओं को माफी देने के लिए ईरान से की गुजारिश
Trump Iran: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी नेताओं से आठ महिला कैदियों को रिहा करने की गुहार लगाई है, जिनमें से एक को सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में फांसी दी जानी है.
donald trump post
Trump Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से 8 महिला कैदियों को रिहा करने की अपील की है. दावा किया जा रहा है कि इन महिलाओं को ईरान की सरकार फांसी देने जा रही है क्योंकि उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था.
ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट
राष्ट्रपति ने अपने 'ट्रुथ सोशल' अकाउंट पर पोस्ट किया, ईरानी नेताओं के लिए, जो जल्द ही मेरे प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले हैं. मैं इन महिलाओं की रिहाई की बहुत सराहना करूंगा. इस कदम को 'हमारी बातचीत की एक बेहतरीन शुरुआत' माना जाएगा, क्योंकि सीजफायर (युद्धविराम) खत्म होने में 24 घंटे से भी कम समय बचा है और ईरान के साथ शांति वार्ता अधर में लटकी हुई है. मुझे यकीन है कि वे इस बात का सम्मान करेंगे कि आपने ऐसा किया. कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं. यह हमारी बातचीत की एक बेहतरीन शुरुआत होगी.
इसके बाद उन्होंने अमेरिकी इजराइल समर्थक कार्यकर्ता अयाल याकोबी के एक स्क्रीनशॉट को भी शामिल किया, जिसमें उन महिलाओं की तस्वीरें थीं जिन्हें कथित तौर पर फांसी दी जानी है.
डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से ज़्यादातर महिलाओं की पहचान सार्वजनिक रूप से नहीं हो पाई है, लेकिन इस पोस्ट में बीता हेम्मती की एक तस्वीर शामिल थी, जिन्हें जनवरी में प्रदर्शनों के खिलाफ हुई कार्रवाई के दौरान उनके पति मोहम्मदरेजा मजीदी-असल के साथ गिरफ्तार किया गया था. ईरान इन प्रदर्शनों में शामिल सात लोगों को फांसी दे चुका है. वहीं हजारों लोग सुरक्षा बलों की गोलियों का शिकार हुए हैं.
कौन हैं ये आठ महिलाएं
- बीता हेम्मती- तेहरान में इमारत से सुरक्षाबलों पर कंक्रीट के ब्लॉक फेंकने का आरोप है
- महबूबेह शबानी- घायल प्रदर्शनकारियों को मोटरसाइकिल से ले जाने का आरोप
- डायना ताहेराबादी- ये नाबालिग हैं और प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है
- एंसीह नेजाती- कुर्द महिला अधिकार कार्यकर्ता
- गजल घलंदारी, वीनस हुसैन नेजाद, गोलनाज नराघी और पनाह मोवाहेदी- इनके बारे में सार्वजनिक रूप से कम जानकारी है.
ईरान में फांसी की सजा और महिलाएं
नॉर्वे स्थित 'ईरान ह्यूमन राइट्स' (IHR) और पेरिस स्थित 'टुगेदर अगेंस्ट द डेथ पेनल्टी' (ECPM) ने पिछले हफ्ते ईरान में मौत की सज़ा पर अपनी संयुक्त वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि 2025 में कम से कम 1,639 लोगों को मौत की सज़ा दी गई, जिनमें 48 महिलाएं शामिल थीं.
महिलाओं पर अत्याचार
21 महिलाओं को उनके पतियों या मंगेतरों की हत्या के लिए मौत की सजा दी गई. अधिकार समूहों ने कहा है कि अपने जीवनसाथी या रिश्तेदारों की हत्या के लिए मौत की सजा पाने वाली महिलाएं अक्सर ऐसे रिश्तों में थीं जिनमें उनके साथ दुर्व्यवहार होता था.
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