'ऑर्डर दे चुका हूं, मुझपर हमला हुआ तो होगी भीषण बमबारी.. ईरान पर 1000 मिसाइलें लॉक हैं': ट्रंप का बयान

Written By: Farha Fatima Updated by: Farha Fatima
Updated Date:July 11, 2026 11:05 AM IST

इजराइल की खुफिया जानकारी में ट्रंप पर कथित हमले की नई साजिश सामने आने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है.

  • ट्रंप ने कहा कि अगर उनकी हत्या हुई तो ईरान पर अभूतपूर्व बमबारी होगी.
  • यह बयान इजराइल की उस खुफिया जानकारी के बाद आया, जिसमें ट्रंप पर कथित हमले की साजिश का दावा किया गया.
  • ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले से जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है और जरूरी निर्देश दिए जा चुके हैं.
  • फिलहाल ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस बयान से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने निर्देश दे दिए हैं - अगर ईरान उन्हें मारने में सफल हो गया तो अमेरिका ईरान पर इतनी भारी बमबारी करेगा जितनी पहले कभी नहीं देखी गई. यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने अमेरिका को सूचना दी कि ईरान ट्रंप को मारने की नई योजना बना रहा है. ट्रंप खुद को ईरान की हिट लिस्ट में नंबर 1 बताते हैं. independent.com की खबर के मुताबिक, न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मैं लंबे समय से उनकी लिस्ट में हूं.अगर कुछ भी होता है तो मैंने निर्देश दे रखे हैं - उन्हें पहले जैसा कभी नहीं देखा स्तर पर बम से उड़ा दो.” उन्होंने ईरान को “evil, sick people” (बुरे और बीमार लोग) कहा और कहा कि कैंसर को जल्दी काट देना चाहिए. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा, " ईरान पर 1000 मिसाइलें तनीं हैं. अगर ईरान अमेरिका राष्ट्रपति यानी मुझे मारने की धमकी जारी रखती हैं तो एक साथ हजारों मिसाइलें तुरंत दाग दी जाएंगी. ऑर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं और U.S. मिलिट्री एक साल से ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह से तबाह करने के लिए तैयार, इच्छुक और काबिल है."

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यह बयान इजराइल की खुफिया जानकारी के बाद आया.इजराइल ने अमेरिका को बताया कि ईरान ने ट्रंप को मारने की नई योजना बनाई है. यह योजना कासेम सुलेमानी (2020 में ट्रंप के आदेश पर मारे गए ईरानी जनरल) की हत्या का बदला लेने से जुड़ी हो सकती है. ईरान लंबे समय से ट्रंप को निशाना बनाने की धमकियां देता रहा है.

ईरान-अमेरिका तनाव की वजह

ट्रंप के पहले कार्यकाल में 2020 में सुलेमानी की ड्रोन हमले में हत्या के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं. ईरान इसे बदला मानता है. हाल के वर्षों में भी ईरान समर्थित गुटों ने ट्रंप और अमेरिका के खिलाफ साजिशें रची हैं. ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच मजबूत रुख अपनाया है.

ट्रंप का यह बयान दिखाता है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर कितने सतर्क हैं. उन्होंने कहा कि वे ईरान की लिस्ट पर हैं और सौभाग्य से अब तक बच गए, लेकिन यह हमेशा नहीं चल सकता. अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी ईरान की धमकियों पर नजर रख रही हैं.

प्रतिक्रियाएं और संभावित असर

यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऐसे बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकते हैं. अमेरिका और इजराइल पहले से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर चिंतित हैं.

सुरक्षा उपाय

ट्रंप की सुरक्षा बढ़ाई गई है. हाल ही में NATO सम्मेलन के बाद वे पुराने और ज्यादा सुरक्षित एयर फोर्स वन से लौटे. अमेरिकी गुप्त सेवा (Secret Service) सुरक्षा पर खास ध्यान दे रही है.

ट्रंप का यह बयान ईरान को साफ चेतावनी है कि कोई भी गलत कदम महंगा पड़ेगा. यह अमेरिका की “शांति के माध्यम से शक्ति” (Peace through Strength) नीति का हिस्सा लगता है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव जारी है, लेकिन पूर्ण युद्ध की स्थिति नहीं है. अमेरिका ईरान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है.

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