अंकारा: इस्राइली संसद की ओर से देश को यहूदी राज्य के तौर पर परिभाषित करने वाले एक कानून को पारित करने की पृष्ठभूमि में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने आज इस्राइल को दुनिया सबसे बड़ा ‘फासीवादी और नस्लवादी’ देश करार दिया.

एर्दोआन ने अपनी सत्तारूढ़ पार्टी में दिए गए भाषण में कहा कि इस कदम के बाद इस बात में अब शक की रत्ती भर गुंजाइश नहीं रह गई कि इस्राइल दुनिया का सबसे बड़ा यहूदी, फासीवादी और नस्लवादी देश है. इस्राइल पर अपने हालिया तीखे हमलों में एर्दोआन ने दावा किया कि आर्य नस्ल के लिए हिटलर का जुनून और इस प्राचीन भूमि को सिर्फ यहूदियों के लिए मानने की इस्राइल की समझ में कोई फर्क नहीं है.

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राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया को बड़ी आपदा की ओर ले जाने वाली हिटलर की भावना इस्राइल के कुछ नेताओं में देखने को मिलती है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों ने जनसंहार में करीब 60 लाख यहुदियों को कत्ल कर दिया था. इस्राइल की संसद ने जो कानून स्वीकार किया है उसमें हिब्रू को राष्ट्रीय भाषा बनाया गया है और यहूदी समुदायों को बसाये जाने को राष्ट्रीय हित में बताया गया है.