काबुल: अफगानिस्तान के काबुल में सोमवार सुबह एक के बाद एक हुए दो आत्मघाती हमलों में न्यूज एजेंस एएफपी के मुख्य फोटोग्राफर शाह मरई और 6 अन्य पत्रकारों सहित कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई. इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है. गृह मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों में 6 पत्रकार हैं. हमले में 49 लोग घायल हुए हैं. मरनेवालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. अफगानिस्तान में मारे गए पत्रकारों को उनके सहकर्मी ट्विटर पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

काबुल पुलिस के प्रवक्ता हशमत स्तानकजई ने बताया कि दूसरा आत्मघाती हमला पहले हमले के कुछ मिनट बाद पत्रकारों को निशाना बनाकर किया गया. ये पत्रकार पहले हमले के बाद घटना को कवर करने के लिए वहां एकत्र हुए थे. यह आत्मघाती हमला मध्य शास डराक क्षेत्र में हुआ. यहां नाटो के मुख्यालय सहित कई दूतावास हैं. पुलिस प्रवक्ता स्तानकजई ने बताया कि दूसरा हमलावर पैदल आया था. पहले हमले के बाद घटना की रिपोर्टिंग करने आए संवाददाताओं की भीड़ में वह पत्रकार के वेश में था.
एएफपी ने अपने मुख्य फोटोग्राफर मरई सहित 1TV के दो पत्रकार , टोलो न्यूज के एक पत्रकार और जहां टीवी के एक पत्रकार के मारे जाने की पुष्टि की है.

हमले में मारा गया फोटो जर्नालिस्ट मरई ने एक ड्राइवर के तौर पर 1996 में एएफपी के लिए काम करना शुरू किया था. साथ ही साथ वह तस्वीरें भी खींचते थे. 1996 में ही तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया था. मरई ने 2001 में अमेरिकी कार्रवाई की खबरों को भी कवर किया था. वह 2002 में एएफपी के पूर्णकालिक फोटो स्ट्रिंगर हो गए थे. एएफपी ग्लोबल न्यूज की डायरेक्टर मिशेल लेरीडॉन ने बताया, ” मुख्य फोटोग्राफर मरई के 6 बच्चे हैं, जिनमें से एक नवजात है. यह काबुल ब्यूरो सहित पूरी एजेंसी के लिए एक भयानक खबर है.” (इनपुट- एजेंसी)