वाशिंगटन: भारतीय दूतावास के सामने सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह ने प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने गणतंत्र दिवस पर तिरंगा जलाने का प्रयास किया. हालांकि स्थानीय सिख समुदाय ने इस कदम की निंदा की है.वहीँ दूसरी तरफ ट्विटर ने भारत विरोधी अभियान चलाने वाले एक अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के एकाउंट को बंद कर दिया है. न्यूयार्क के सिख ऑफ जस्टिस (एसएफजे) द्वारा आयोजित प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए और स्थानीय पाकिस्तानी मीडिया के संवाददाताओं की उपस्थिति में भारतीय झंडा जलाने का प्रयास किया.

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झंडा जलाने का प्रयास किया
हालांकि, वहां एसएफजे समर्थकों की तुलना में भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों की उपस्थिति अधिक थी जिन्होंने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए और भारतीय झंडे लहराए. एसएफजे के सदस्य शनिवार की दोपहर करीब दो बजकर 30 मिनट पर दूतावास के सामने एकत्र हुये और भारतीय झंडा जलाने का प्रयास किया. उन्होंने हरे रंग का एक झंडा जलाया जिस पर ‘एस’ लिखा हुआ था. भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध के मद्देनजर स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने भारतीय झंडा जलाने के किसी भी प्रयास को लेकर चेतावनी दी है. गतिरोध जारी रहने के कारण उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की मांग की. स्थानीय सिख समुदाय ने प्रदर्शन करने के लिए एसएफजे की आलोचना की है.

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कारण नहीं बताया
ट्विटर ने भारत विरोधी अभियान चलाने वाले एक अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के एकाउंट को बंद कर दिया है. ट्विटर ने शनिवार को जानकारी देते हुए कहा कि उसने सिख फॉर जस्टिस का ट्विटर एकाउंट बंद कर दिया है. ट्विटर ने अपने नियमों का हवाला देने के अलावा एकाउंट बंद करने का कोई कारण नहीं बताया है. उसने कहा है कि ट्विटर नियमों के उल्लंघन करने वाले खाते बंद किये जाते हैं. माना जा रहा है कि भारत के खिलाफ घृणा अभियान चलाने के कारण न्यूयार्क स्थित एसएफजे के ट्विटर खाते को बंद कर दिया गया है. यह संगठन 2020 में खालिस्तान बनाने के लिए एक अनौपचारिक जनमत संग्रह की मांग कर रहा है.