वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन की आलोचना करने वाले न्यूयॉर्क पोस्ट के लेख को प्रतिबंधित करने पर फेसबुक और ट्विटर को फटकार लगाई है. न्यूयॉर्क पोस्ट ने ईमेल्स का हवाला देते हुए खबरों की एक श्रृंखला प्रकाशित की थी, जिन्हें कथित तौर पर बाइडन के बेटे ने भेजा था. Also Read - Data Controversy: संसद की समिति ने फेसबुक, ट्विटर को भेजा समन

एनपीआर डॉट ओआरजी की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क पोस्ट की खबरों में दावा किया गया है कि उन्हें यह मेल ट्रंप के निजी वकील रूडी गिउलिआनी और ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन से मिले हैं. क्राउडटेंगल के आंकड़ों के अनुसार, फेसबुक ने इस खबर को फैलने से रोक दिया है, जबकि इसे कुछ ही देर में लगभग 6 लाख बार फेसबुक पर लाइक और शेयर किया गया और इस पर कमेंट किए गए थे. वहीं, ट्विटर ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए उपयोगकर्ताओं को न्यूयॉर्क पोस्ट की स्टोरी के मेल की तस्वीरें या लिंक को पोस्ट करने से रोक दिया. साथ ही हवाला दिया कि “हैकिंग के जरिए प्राप्त की गईं निजी जानकारी वाली सामग्री को साझा करना हमारे नियमों के खिलाफ है.” Also Read - Final US Presidential debate 2020 live: अमेरिका चुनाव में भी रोजगार है मुद्दा, जो बिडेन ने कहा- 1100 रुपये घंटा करेंगे न्यूनतम मजदूरी

ट्विटर ने कहा कि “लेखों में शामिल चित्रों में व्यक्तिगत और निजी जानकारी दी गई है – जैसे ईमेल पते और फोन नंबर आदि. ऐसी जानकारियों को साझा करना हमारे नियमों का उल्लंघन करना है.” हालांकि, ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने स्वीकार किया कंपनी का इसे प्रतिबंधित करने को लेकर किया गया संवाद सही नहीं था. उन्होंने ट्वीट किया, “न्यूयॉर्क पोस्ट लेख को लेकर उठाए गए हमारे कदम के बारे में संचार बहुत अच्छा नहीं था. वहीं ट्वीट या डायरेक्ट मैसेज के जरिए यूआरएल साझा करने से रोकना अस्वीकार्य है.” फेसबुक और ट्विटर की कार्रवाई से अमेरिका में राजनीतिक तूफान मच गया. इसे लेकर ट्रंप ने ट्वीट किया कि यह “इतना भयानक था कि फेसबुक और ट्विटर को इस कहानी पर प्रतिबंध लगाना पड़ा.” बता दें कि ट्विटर और फेसबुक चुनाव से संबंधित झूठे दावों और हेरफेर को लेकर खबरें प्रसारित करने को रोकने के लिए खासे आक्रामक तरीके से काम कर रहे हैं. Also Read - ट्विटर ने दिखाया भारत का गलत मानचित्र, तो सरकार ने दे डाली सख्त चेतावनी