नई दिल्‍ली: शराब कारोबारी और भगोड़े विजय माल्‍या को सोमवार को लंदन की हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. इससे भारत को शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले में सोमवार को बड़ी सफलतता मिली. माल्या लंदन के हाईकोर्ट में भारत प्रत्यर्पित किए जाने के आदेश के खिलाफ दायर किए गए केस को हार गया है. Also Read - बिहार में बैठे कुछ असामाजिक तत्वों को लगता है कि इसकी राजनीति करें तो चुनाव में काम चल जाएगा: संजय राउत

रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने माल्‍या की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने भारत सरकार की प्रत्‍यर्पण की मांग के खिलाफ याचिका दायर की थी. कोर्ट के इस फैसले से भारत को बड़ी कामयाबी मिली है. इसके माल्‍या के प्रत्‍यर्पण की राह आसान हो गई है. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत ने सुसाइड नहीं की थी, मर्डर हुआ था, किसी को बचा रही है महाराष्‍ट्र सरकार: पूर्व CM राणे

बता दें कि liquor tycoon विजय माल्‍या 9,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों में भारत में वांछित है. भगोड़े कारोबारी ने ब्रिटेन हाईकोर्ट में भारत सरकार की मांग के खिलाफ अपने प्रत्यर्पण को चुनौती दी थी. Also Read - सुशांत केस की होगी सीबीआई जांच, बिहार सरकार ने की सिफारिश

लंदन में सोमवार को रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस की दो सदस्यीय लॉर्ड जस्टिस स्टीफन इरविन और जस्टिस एलिजाबेथ लिंग की पीठ ने माल्‍या की याचिका को खारिज कर दिया.

लॉर्ड जस्टिस स्टीफन इरविन और जस्टिस एलिजाबेथ लिंग, लंदन में रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में दो सदस्यीय पीठ ने वर्तमान कोरोनावायरस लॉकडाउन के चलते इस अपील पर फैसला दूर से ही दिया.

बेंच ने कहा, “हम मानते हैं कि जबकि SDJ (वरिष्ठ जिला न्यायाधीश) द्वारा पाए गए प्रथम दृष्टया मामले का दायरा भारत में उत्तरदाता केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कथित रूप से व्यापक रूप से कुछ मामलों में है,

न्यायाधीशों ने फैसला सुनाते हुए कहा, प्रथम दृश्‍टया मामला सात महत्वपूर्ण मामलों में भारत में आरोपों के साथ मेल खाता है,”

बता दें कि बता दें कि किंगफिशर एयरलाइंस के 64 वर्षीय पूर्व मालिक ने इस साल फरवरी में एक सुनवाई में भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी.