पीओके हिंसा पर ब्रिटेन में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन, बर्मिंघम दूतावास के बाहर कश्मीरियों ने जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पीओके में लोगों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ नारे लगाए और इलाके के लोगों के अधिकारों की मांग की.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में जारी तनाव और हिंसा को लेकर ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरियों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया. बर्मिंघम स्थित पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने पीओके में आम नागरिकों पर कथित कार्रवाई और सुरक्षा बलों के इस्तेमाल का विरोध किया. प्रदर्शन का आयोजन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थन में किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पीओके में लोगों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ नारे लगाए और इलाके के लोगों के अधिकारों की मांग की.
वायरल हुआ वीडियो
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब पीओके में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं. कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं. हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में बर्मिंघम स्थित पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारी दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कुछ लोग जूते उतारकर विरोध जताते और पीओके के हालात को लेकर नाराजगी जाहिर करते नजर आए.
सांसदों ने जताई चिंता
प्रदर्शन के बीच ब्रिटेन के कुछ सांसदों ने भी पीओके में हुई हिंसा को लेकर चिंता जताई है. ब्रिटिश सांसद नाज शाह ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने की खबरों की आलोचना की और इसे बेहद गंभीर मामला बताया. नाज शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों पर गोली चलाना बर्बरता है. उन्होंने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
ब्रिटिश सांसद ने उठाए सवाल
वहीं ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने भी पीओके से सामने आ रही मानवाधिकार उल्लंघन की खबरों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वह ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त के सामने ब्रिटिश कश्मीरियों की चिंताओं को उठाएंगे. इमरान हुसैन ने ब्रिटेन सरकार से भी अपील की कि वह कूटनीतिक माध्यमों से तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश करे.
पीओके में कई लोगों की मौत का दावा
इससे पहले यूकेपीएनपी (United Kashmir People’s National Party) ने दावा किया था कि पीओके में कई लोगों की मौत हुई है, बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है. संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है. संगठन का कहना है कि नागरिकों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन हो सकता है. उसने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अन्य वैश्विक संस्थाओं से पीओके के हालात पर ध्यान देने की अपील की है.
हालांकि, इस पूरे मामले में पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पीओके में जारी स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है. (इनपुट्स आईएएनएस)
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