काबुल: पश्चिमी अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का एक कार्यालय (UN Office hit by Taliban firing ) शुक्रवार को गोलीबारी की चपेट में आ गया और उसके एक गार्ड की मौत हो गई. क्षेत्र में तालिबान (Taliban firing) और अफगान बलों के बीच भयंकर लड़ाई चल रही है. यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र ने दी. वहीं, संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ के महासचिव ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान जारी किया है. इस वाकये को लेकर अमेरिका ने कड़ी
निंदा है.Also Read - चाणक्य, रबीन्द्रनाथ टैगोर से लेकर आतंक और अफगानिस्तान तक... PM मोदी की UN में ये 10 मुख्य बातें

ये झड़पें हेरात प्रांत की राजधानी से लगभग 10 किलोमीटर दूर गुजरा जिले में हो रही थीं. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि संयुक्त राष्ट्र कार्यालय जिस गोलीबारी की चपेट में आया उसके लिए कौन सा पक्ष जिम्मेदार है? Also Read - UNGC में भारत ने पाक के कश्‍मीर राग अलापने और गिलानी को शहीद को बताने पर किया पलटवार

यूएन के महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा, ” महासचिव अफगानिस्तान के हेरात में एक संयुक्त राष्ट्र परिसर के खिलाफ आज के हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक अफगान सुरक्षा बल के गार्ड की मौत हो गई और अन्य अधिकारी घायल हो गए. वह शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. Also Read - जो बाइडन ने PM मोदी से कहा- भारत को सुरक्षा परिषद का स्‍थाई सदस्‍य होना चाहिए, आतंकवाद और तालिबान पर कहीं ये बात

महासचिव याद दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और परिसरों के खिलाफ हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निषिद्ध हैं और युद्ध अपराध हो सकते हैं. महासचिव अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और लोगों को शांति और स्थिरता हासिल करने के उनके प्रयासों में समर्थन देने के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता दोहराते हैं.

अफगानिस्तान में अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के बीच लड़ाई तेज हो गई है. तालिबान ने दर्जनों जिलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि डेबोरा लियोन्स ने इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघर्ष में दोनों पक्षों के संपर्क में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार्यालय कैसे और किसके द्वारा की गई गोलीबारी की चपेट में आया.