संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कहा है कि वह एक स्थायी सदस्य द्वारा नकारात्मक वोट किए जाने के कारण विदेशी आतंकवादी लड़ाकों पर मुकदमा चलाने, पुनर्वास करने जैसे उपाय करने के प्रस्ताव को अपनाने में विफल रहा है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को 15 सदस्यों ने वोटिंग की, जिसमें इस प्रस्ताव के पक्ष में 14 वोट आए और अमेरिका का एक वोट विपक्ष में रहा. Also Read - आतंकियों पर कार्रवाई करने में नाकाम पाक को भारत ने किया शर्मसार

इस मसौदे के अनुसार, काउंसिल ने इस बात पर फिर से जोर दिया था कि संघर्ष से लौट आईं या उससे जुड़ी या वापसी करने वाली विदेशी आतंकवादी लड़ाकूओं से जुड़ी महिलाएं कई अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी सेवा दे सकती हैं. परिषद ने इस तरह के उपाय करने के लिए भी कहा है, जिनमें आतंकवाद के लिए अनुकूल हिंसक अतिवाद का मुकाबला करने के लिए दीर्घकालिक तरीकों को शामिल किया जाए. Also Read - United Nations On Coronavirus Death: कोरोना से हो रही मौतों पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, आया यह बयान

इसने जेलों में आतंकवादियों की भर्ती और आतंकवाद के प्रति कट्टरता जैसी महत्वपूर्ण चुनौती को भांप लिया है और इस बात को समझ लिया है कि जेलों के अंदर कट्टरपंथियों के रूप में संभावित इनक्यूबेटरों की इस सेवा को रोकना जरूरी है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कैदी जेलों में पुनर्वास और पुनर्विचार के कैदियों की सेवा कर सकते हैं. बता दें कि अभी सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को वर्तमान में कोविड -19 महामारी के कारण अस्थायी, असाधारण और प्रोवीजनल उपायों के तहत एक लिखित वोट प्रक्रिया के माध्यम से अपनाया जाता है. Also Read - कश्मीर: सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादी, जांच जारी

(इनपुट आईएएनएस)