संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें आशा है कि म्यामार सरकार समाचार एजेंसी रॉयटर के दो पत्रकारों को माफ कर देगी, जिन्हें सात साल की कैद की सजा सुनाई गई है. म्यामार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की रिपोर्टिंग करने को लेकर उन्हें यह सजा सुनाई गई है. गुतारेस ने कहा कि म्यामार में पत्रकार के तौर पर काम करने को लेकर वा लोन (32) और क्याव सो ओ (28) को जेल में रखना स्वीकार्य नहीं होगा. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी इस दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा को कर सकते हैं संबोधित, 75 साल में पहली बार होने जा रहा है ऐसा

संयुक्त राष्ट्र की नई मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेट ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि म्यांमार में रॉयटर्स के दो पत्रकारों को 7 साल जेल की सजा दिए जाने से वह हैरान हैं. बाचेलेट ने दोनों की तुरंत रिहाई की अपील की थी. चिली की पूर्व राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के तौर पर अपने पहले दिन इस घटनाक्रम पर मीडिया के साथ बातचीत में दोनों पत्रकारों की सजा पर हैरानी जताई थी. Also Read - नेपाल को UN से मिला बड़ा झटका, विवादास्पद मानचित्र को मान्यता देने से किया इनकार!

एंतोनियो गुतारेस ने न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा, ‘इस बारे में मुझे पूरा यकीन है कि यह नहीं होना चाहिए था और मुझे आशा है कि उनकी रिहाई का लेकर सरकार यथासंभव उन्हें माफ कर देगी.’ गौरतलब है कि म्यामार की नेता आंग सान सू की ने पिछले हफ्ते कहा था कि दोनों पत्रकारों को उनके काम की वजह से जेल नहीं भेजा गया, बल्कि सरकारी गोपनीयता कानून तोड़ने की वजह से अदालत ने उनके खिलाफ यह फैसला सुनाया है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के बयान आने के पहले संगठन की एक अन्य अधिकारी ने भी म्यामार सरकार से दोनों रिपोर्टरों को छोड़ देने का आग्रह किया था. Also Read - कोरोना महामारी के दौरान UN की कार में शारीरिक संबंध बनाता दिखा शख्स, अधिकारी बोले- होगी जांच

(इनपुट – एजेंसी)