जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने सीरिया में 30 दिनों के संघर्षविराम पर तत्काल अमल की मांग की है. उन्होंने यह मांग ऐसे समय में की है जब सीरिया की बशर अल असद सरकार विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी घूटा में बड़े पैमाने पर बमबारी कर रही है. महासचिव ने शनिवार को सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव को उस स्वीकार करने की सराहना की जिसमें संघर्षविराम की अपील की गई थी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तभी कोई मायने हैं जब उन्हें अमल में लाया जाए.Also Read - पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने इस खूंखार आतंकी संगठन के आगे डाले हथियार

जिनेवा में मानवाधिकार परिषद के 37वें सत्र के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा, ‘‘इसलिए मैं अपेक्षा करता हूं कि प्रस्ताव पर तत्काल अमल हो और इसे कायम रखा जाए.’’ Also Read - COP26 World Leaders Summit: PM मोदी का ग्‍लोसगो में यूके पीएम जॉनसन और UN महासचिव ने किया स्‍वागत

गुतारेस के बाद परिषद को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जाइद राद अल हुसैन ने कहा कि सीरिया एवं अन्य संघर्ष क्षेत्र ‘‘हालिया समय में इंसानों के कत्ल की सबसे उर्वर जगह बन गए हैं.’’ Also Read - Gandhi Jayanti: संयुक्त राष्ट्र ने कहा- महात्मा गांधी के संदेशों पर ध्यान दे दुनिया, ये नए युग की शुरुआत का समय

सीरिया में प्रस्तावित संघर्षविराम पर हुसैन ने चेताया कि ‘‘हमारे पास चौकस रहने के ठोस कारण हैं.’’ उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को हिंसा रोकने की सात साल की नाकामी, सात साल से धड़ल्ले से जारी नरसंहार की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए.

सीरियाई शासन की ओर से पूर्वी घूटा में की गई ताजा बमबारी में सोमवार को कम से कम 10 आम लोग मारे गए जिसमें नौ एक ही परिवार के सदस्य थे. निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने यह जानकारी दी.