
Shivendra Rai
शिवेंद्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. आजतक से शुरुआत की. लोकमत हिंदी में 2 साल बिताने के बाद नवंबर 2024 में इंडिया.कॉम ... और पढ़ें
पाकिस्तान के सेना प्रमुख और फील्ड मार्शल असीम मुनीर ( Pakistan Army chief Asim Munir) अब आधिकारिक रूप से देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं. हाल ही में संविधान में हुए संशोधन के बाद सेना प्रमुख असीम मुनीर अब रक्षा बलों के प्रमुख (सीडीएफ) बन चुके हैं. अब तीनों सेनाएं सीधे असीम मुनीर के कंट्रोल में आ गई हैं. मुनीर को मिली असीमित ताकत से यूनाइटेड नेशन (United Nations) भी परेशान है. संयुक्त राष्ट्र की चिंता इसके हाई कमिश्नर (मानवाधिकार) वोल्कर टर्क के बयान से झलकी है.
वोल्कर टर्क ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान के जल्दबाजी में अपनाए गए संविधान संशोधन न्यायपालिका की आजादी को गंभीर रूप से कमजोर करते हैं. टर्क के अनुसार इससे पाकिस्तान में सेना का प्रभाव बढ़ने और नागरिक सरकार के कमजोर होने का संकेत मिलता है.
#Pakistan: @UNHumanRights is concerned that hastily adopted constitutional amendments risk far-reaching consequences for the principles of democracy & rule of law which the Pakistani people hold dear.
➡️ https://t.co/mtHoK9Xzdr pic.twitter.com/lNLL70pUiK
— UN Human Rights (@UNHumanRights) November 28, 2025
वोल्कर टर्क ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि हालिया संशोधन से पहले लीगल कम्युनिटी और सिविल सोसाइटी से न कोई सलाह दी गई न कोई चर्चा की गई. वोल्कर टर्क ने कहा कि ये अमेंडमेंट पाकिस्तान में कानून के राज और मानवाधिकारों की सुरक्षा को बनाए रखने वाली संस्थाओं के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि इससे जजों के आजादी पर संकट खड़ा हो गया है. टर्क ने कहा है कि नए बदलावों से ज्यूडिशियरी में पॉलिटिकल दखल बढ़ने और उस पर एग्जीक्यूटिव कंट्रोल बढ़ने का खतरा है.
बता दें कि पाकिस्तान में हमेशा से आर्मी ही सबसे ताकतवर रही है. सेना प्रमुख को वायुसेना प्रमुख या नौसेना प्रमुख से ज्यादा भाव मिलता रहा है. लेकिन अब संविधान में संशोधन कर एक ऐसा पद बनाया गया है जो सेना, नौसेना और वायुसेना को एक ज्यादा केंद्रीकृत ढांचे में लाएगा.अब पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर संवैधानिक रूप से तीनों शाखा सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रमुख बन गए हैं.
किसी भी परमाणु शक्ति संपन्न देश में परमाणु हथियारों की देखरेख भले सेना के पास हो लेकिन इसे इस्तेमाल करने का फैसला राजनीतिक नेतृत्व का ही होता है. लेकिन अब पाकिस्तान में आर्मी चीफ प्रधानमंत्री से परामर्श करके नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के प्रमुख की नियुक्ति भी करेंगे और यह प्रमुख पाकिस्तान सेना से ही होगा. यानी कि न्यूक्लियर वेपंस का कंट्रोल भी मुनीर के पास ही होगा.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Pakistan की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.