असीम मुनीर को मिली असीमित ताकत से यूनाइटेड नेशन भी परेशान! हाई कमिश्नर ने पाकिस्तान को लेकर दुनिया को चेताया

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:November 29, 2025 2:39 PM IST

मुनीर को मिली असीमित ताकत से यूनाइटेड नेशन भी परेशान है. संयुक्त राष्ट्र की चिंता इसके हाई कमिश्नर (मानवाधिकार) वोल्कर टर्क के बयान से झलकी है.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख और फील्ड मार्शल असीम मुनीर ( Pakistan Army chief Asim Munir) अब आधिकारिक रूप से देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं. हाल ही में संविधान में हुए संशोधन के बाद सेना प्रमुख असीम मुनीर अब रक्षा बलों के प्रमुख (सीडीएफ) बन चुके हैं. अब तीनों सेनाएं सीधे असीम मुनीर के कंट्रोल में आ गई हैं. मुनीर को मिली असीमित ताकत से यूनाइटेड नेशन (United Nations) भी परेशान है. संयुक्त राष्ट्र की चिंता इसके हाई कमिश्नर (मानवाधिकार) वोल्कर टर्क के बयान से झलकी है.

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वोल्कर टर्क ने क्या कहा?

वोल्कर टर्क ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान के जल्दबाजी में अपनाए गए संविधान संशोधन न्यायपालिका की आजादी को गंभीर रूप से कमजोर करते हैं. टर्क के अनुसार इससे पाकिस्तान में सेना का प्रभाव बढ़ने और नागरिक सरकार के कमजोर होने का संकेत मिलता है.

वोल्कर टर्क ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि हालिया संशोधन से पहले लीगल कम्युनिटी और सिविल सोसाइटी से न कोई सलाह दी गई न कोई चर्चा की गई. वोल्कर टर्क ने कहा कि ये अमेंडमेंट पाकिस्तान में कानून के राज और मानवाधिकारों की सुरक्षा को बनाए रखने वाली संस्थाओं के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि इससे जजों के आजादी पर संकट खड़ा हो गया है. टर्क ने कहा है कि नए बदलावों से ज्यूडिशियरी में पॉलिटिकल दखल बढ़ने और उस पर एग्जीक्यूटिव कंट्रोल बढ़ने का खतरा है.

बता दें कि पाकिस्तान में हमेशा से आर्मी ही सबसे ताकतवर रही है. सेना प्रमुख को वायुसेना प्रमुख या नौसेना प्रमुख से ज्यादा भाव मिलता रहा है. लेकिन अब संविधान में संशोधन कर एक ऐसा पद बनाया गया है जो सेना, नौसेना और वायुसेना को एक ज्यादा केंद्रीकृत ढांचे में लाएगा.अब पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर संवैधानिक रूप से तीनों शाखा सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रमुख बन गए हैं.

परमाणु नियंत्रण भी मुनीर के पास

किसी भी परमाणु शक्ति संपन्न देश में परमाणु हथियारों की देखरेख भले सेना के पास हो लेकिन इसे इस्तेमाल करने का फैसला राजनीतिक नेतृत्व का ही होता है. लेकिन अब पाकिस्तान में आर्मी चीफ प्रधानमंत्री से परामर्श करके नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के प्रमुख की नियुक्ति भी करेंगे और यह प्रमुख पाकिस्तान सेना से ही होगा. यानी कि न्यूक्लियर वेपंस का कंट्रोल भी मुनीर के पास ही होगा.

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