अमेरिका-ईरान हमले रोकने पर राजी- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंगलवार को फिर होगी दोहा में मीटिंग

Written By: Arun Kumar Updated by: Arun Kumar
Updated Date:June 29, 2026 7:49 AM IST

हाल ही में दोनों देशों ने स्विट्जरलैंड में शांति-समझौत किया था. इस समझौते में अगले 60 दिनों के भीतर शांति समझौते की डील फाइनल करनी थी, लेकिन दोनों ही पक्षों में फिर से हमले छिड़ गए.

  • सीजफायर के उल्लंघन के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन भी ईरान पर किए हमले
  • ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
  • मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में बातचीत के लिए इकट्ठा होंगो दोनों देश
  • बातचीत से पहले ईरान बोला- अगले 30 दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रहेगा हमारा नियंत्रण

USA And Iran Agreed To Stop Attacks: स्विट्जरलैंड में हुए शांति समझौते के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव कम नहीं हो पाया. दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर फिर से हमले शुरू कर दिए. अब एक बार फिर दोनों हमलों को रोककर बातचीत के लिए तैयार हैं. न्यूज वेबसाइट एक्सीओज (Axios) के मुताबिक, दोनों ही पक्ष इस सिलसिले में मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में मुलाकात करेंगे. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जारी विवाद को सुलझाने की कोशिशें होंगी.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण चाहता है ईरान

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पहले ही साफ कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ ईरान की होगी. उन्होंने चेतावनी दी है कि तेहरान द्वारा तय किए रास्ते के अलावा किसी और रूट का इस्तेमाल करने से यहां 'तनाव और तनाव को बढ़ाने वाला' कदम होगा.

सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका ने दूसरे दिन जारी रखे हमले

अरागची ने एक बार फिर यह कहा कि आने वाले 30 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का ही नियंत्रण होगा. अगर अमेरिका ने और हमले शुरू किए तो फिर स्थिति और गंभीर होगी. इस सबके बीच दोनों ही पक्ष अपने हमले रोकने को तैयार हैं. इससे पहले अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन भी ईरान पर एयरस्ट्राइक के जरिए हमले जारी रखे. उसने केशम द्वीप, सिरिक और बंदर-ए-लेंगेह को अपना निशाना बनाया. इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले बोले.

ट्रंप ने दी थी चेतावनी- 'अस्तित्व मिटा देंगे'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था, 'अगर ईरान ने सुधार नहीं किया, तो उसका 'अस्तित्व खत्म हो जाएगा.' उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपना सैन्य अभियान पूरी ताकत से चलाएगा.

IRGC ने भी खोला था मोर्चा

अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रेव्यूल्यूशनरी गार्ड कोर्प्स (IRGC) ने भी कहा था कि इलाके में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को आने वाले दिनों में भारी नुकसान होगा. उसने रविवार को दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद 8 अमेरिकी सैन्य ठिकानों नष्ट कर दिया है.

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