
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
United States military operation: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अब अमेरिकी की हिरासत में हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर बड़े पैमाने पर हमला करते हुए मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया था और उन्हें न्यूयॉर्क शहर ले जाया गया ताकि मादुरो पर अमेरिकी क्रिमिनल चार्ज के तहत मुकदमा चलाया जा सके. अब अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से सही है या गलत इस पर बहस हो रही है.
अमेरिकी अखबार द गार्जियन ने इस मामले पर कई कानूनी विशेषज्ञों से बात की. इनमें से ज्यादात ने कहा कि यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन कर सकता है. संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 2(4) किसी देश को दूसरे देशों के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल करने से रोकता है और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने की बात कहता है.
सिएरा लियोन में संयुक्त राष्ट्र युद्ध अपराध अदालत के पूर्व अध्यक्ष जेफ्री रॉबर्टसन ने इस मामले पर कहा कि अमेरिका की कार्रवाई ने उस प्रावधान का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन कर रहा है.
किंग्स्टन यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय कानून की प्रोफेसर एल्विरा डोमिंग्वेज-रेडोंडो ने इस ऑपरेशन को आक्रामकता का अपराध और बल का गैर-कानूनी इस्तेमाल बताया. इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज में अंतर्राष्ट्रीय कानून की प्रोफेसर सुसान ब्रेउ ने कहा कि ये हमले तभी कानूनी हो सकते हैं जब उन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अधिकृत किया जाए या आत्मरक्षा के रूप में सही ठहराया जाए.
विशेषज्ञ कहते हैं कि ट्रंप प्रशासन इन हमलों को आत्मरक्षा के कार्य के रूप में सही ठहराने की कोशिश कर सकता है. अमेरिका यह आरोप लगा सकता है कि मादुरो एक ऐसे संगठन का नेतृत्व कर रहे थे जिसे अमेरिका नार्को-टेररिस्ट संगठन बताता है. लेकिन इस तर्क से लीगल एक्सपर्ट असहमत हैं.
संयुक्त राष्ट्र युद्ध अपराध अदालत के पूर्व अध्यक्ष जेफ्री रॉबर्टसन कहते हैं कि ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे अमेरिका यह दावा कर सके कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई. विशेषज्ञों ने कहा कि ड्रग तस्करी गंभीर अपराध है लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसके खिलाफ दूसरे देश में सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
विशेषज्ञ कहते हैं कि यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के पास इंटरनेशनल कानून तोड़ने पर बैन लगाने की पावर है लेकिन, अमेरिका के पास इस कदम को रोकने के लिए वीटो पावर है. चीन और रूस समेत कुछ देशों ने इन हमलों की निंदा की है. इस हमले को एक संप्रभु देश के खिलाफ ताकत का खुला इस्तेमाल बताया गया है.
विशेषज्ञ यह आशंका जता रहे हैं कि इंटरनेशनल नियमों के कमजोर होने से दूसरी ताकतें भी इसका गलत फायदा उठा सकती हैं. चीन इस मौके का फायदा उठाकर ताइवान पर हमला कर कर सकता है.
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