ह्यूस्टन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के लिए शनिवार को ह्यूस्टन पहुंचे. इस मौके पर भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका यहां जोरदार स्वागत किया. ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद रहेंगे और मोदी 50,000 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी लोगों को संबोधित करेंगे. रविवार को यहां एनआरजी फुटबॉल स्टेडियम में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन होगा. पोप को छोड़कर, किसी निर्वाचित विदेशी नेता के अमेरिका दौरे पर लोगों का यह सबसे बड़ा जमावड़ा होगा.

 

अमेरिका रवाना होने से पहले मोदी ने एक बयान में कहा था कि ह्यूस्टन के कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति बहुत महत्वपूर्ण है. ऐसा पहली बार होगा कि मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से दिखाया गया विशेष भाव भारत और अमेरिका के बीच विशेष मित्रता को रेखांकित करता है. यह संबंधों की मजबूती को दर्शाता है तथा अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय के योगदान को प्रदर्शित करता है.


27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
ह्यूस्टन में मोदी भारत-अमेरिका ऊर्जा भागीदारी को बढ़ावा देने के मकसद से अग्रणी अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के सीईओ के साथ संवाद भी करेंगे. ह्यूस्टन के बाद मोदी न्यूयार्क जाएंगे जहां वह 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करेंगे. मोदी मंगलवार को ट्रंप से न्यूयार्क में मिलेंगे . पिछले चार महीने में दोनों नेताओं की यह चौथी बैठक होगी. न्यूयार्क की बैठक से आगामी वर्षों के लिए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय होने की संभावना है .

फ्रैंकफर्ट में रूके थे पीएम मोदी
उम्मीद है कि दोनों नेता बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार विवाद के समाधान के प्रयास, रक्षा और ऊर्जा समझौते और अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया सहित विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं. ह्यूस्टन जाने के क्रम में मोदी का विमान दो घंटे के तकनीकी ठहराव के लिए फ्रैंकफर्ट में रूका था जहां जर्मनी में भारतीय दूत मुक्ता तोमर और महावाणिज्य दूत प्रतिभा पारकर ने उनकी अगवानी की.