नई दिल्‍ली: अफगानिस्तान की राजधानी के बीचोंबीच स्थित गुरुद्वारे में घुसकर बुधवार को अज्ञात बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए. अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर यह अब तक के सबसे भयावह हमलों में से एक है. Also Read - Encounter in j&K Update: सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, 72 घंटे में 4 एनकांउटर में 12 आतंकियों का सफाया

वहीं, भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित गुरूद्वारे में किए गए कायराना’हमले पर दुख प्रकट करते हुए बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के प्रकोप के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक पूजास्थल पर ऐसे हमले हमलावरों की शैतानी मानसिकता को दर्शाते हैं. Also Read - Encounter in j&K Update: सुरक्षाबलों ने शोपिया एनकाउंटर में 3 आतंकवादियों को मार गिराया

तालिबान के प्रवक्ता जुबिहुल्ला मुजाहिद ने ट्वीट कर कहा कि हमले में तालिबान का हाथ नहीं है. उधर, इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह ने हमला करने का दावा किया है. उसने कहा कि आईएस लड़ाके गुरुद्वारे पर इस समय भी हमले को अंजाम दे रहे हैं. Also Read - पाकिस्तानी सांसदों को लेकर जा रहे प्लेन को Kabul एयरपोर्ट पर लैंडिंग की नहीं मिली इजाजत, यह है कारण

बंदूकधारी हमलावरों ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब पौने आठ बजे शोर बाजार इलाके में स्थित गुरद्वारे पर हमला किया. उस समय वहां 150 श्रद्धालु थे. ताजा अपडेट के मुताबिक, ‘‘काबुल के पीडी1 में सिख धर्मस्थल धर्मशाला में हमले में कम से कम 27 लोग मारे गए और 8 अन्य घायल हो गए. हमले में कार्रवाई में विदेशी सैनिक भी शामिल हैं. काबुल पुलिस ने कहा कि गुरुद्वारे से कम से कम 11 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया है.

सिख सांसद नरिंदर सिंह खालसा ने कहा कि गुरुद्वारे के भीतर मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और हमले के बारे में बताया जिसके बाद वह मदद करने के लिए वहां गए. उन्होंने कहा कि हमले के वक्त गुरुद्वारे के भीतर करीब 150 लोग थे. अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि पुलिस ने त्वरित प्रतिक्रिया दी.

काबुल में स्थित गुरद्वारे में हमला शैतानी मानसिकता का परिचायक
भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित गुरूद्वारे में किए गए कायराना हमले पर दुख प्रकट करते हुए बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के प्रकोप के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक पूजास्थल पर ऐसे हमले हमलावरों की शैतानी मानसिकता को दर्शाते हैं. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह बात कही.

मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, हम इस हमले में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. भारत इस घड़ी में अफगानिस्तान में प्रभावित हिन्दू एवं सिख समुदाय के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने को तत्पर है.

धार्मिक पूजास्थल पर ऐसा कायराना हमला
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के प्रकोप के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक पूजास्थल पर ऐसा कायराना हमला, इन हमलावरों एवं उनका समर्थन करने वालों की शैतानी मानसिकता को दर्शाता है.

अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों के पराक्रम, साहस और समर्पण की सराहना
मंत्रालय ने कहा, ”हम अफगानिस्तान के लोगों एवं देश की सुरक्षा और इस हमले का जवाब देने के लिए अफगानिस्तान के बहादुर सुरक्षा बलों के पराक्रम, उनके साहस और समर्पण की सराहना करते हैं. बयान के अनुसार, भारत, अफगानिस्तान में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण लाने के प्रयासों में वहां के लोगों, सरकार और सुरक्षा बलों के साथ खड़ा है.