कतर एयरस्पेस से गायब हो गया US एयरफोर्स का प्लेन, ईरान की सफाई- हमारा कोई हाथ नहीं
यह विमान UAE के अल धफरा एयर बेस से उड़ा था और फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ रहा था. इसी दौरान कतर के पास उसका सिग्नल कुछ समय के लिए गायब हो गया.
KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एयरक्राफ्ट ने उड़ान के दौरान ‘7700’ इमरजेंसी सिग्नल भेजा. (AP)
ईरान के साथ एकतरफा सीजफायर के बीच अमेरिकी वायुसेना का एक प्लेन मंगलवार को आसमान से अचानक गायब हो गया. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना का KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एयरक्राफ्ट कतर के एयरस्पेस में इमरजेंसी सिग्नल देने के बाद लापता हो गया. इस एयरक्राफ्ट को फ्लाइंग गैस स्टेशन’ कहा जाता है. ये हवा में ही दूसरे मिलिट्री एयरक्राफ्ट में फ्यूल की सप्लाई दे सकता है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एयरक्राफ्ट ने उड़ान के दौरान 7700’ इमरजेंसी सिग्नल भेजा. यह सिग्नल तब दिया जाता है, जब प्लेन में कोई बड़ा टेक्निकल फॉल्ट हो. अभी तक अमेरिका ने प्लेन के गायब होने में ईरान की किसी भी भूमिका की बात नहीं कही है. लेकिन, ईरान की तरफ से सफाई आ गई है. ईरान ने कहा- इस मामले में हमारा कोई हाथ नहीं है.
प्लेन ने अल धफरा एयर बेस से भरी थी उड़ान
अमेरिका के इस प्लेन ने UAE के अल धफरा एयर बेस से उड़ान भरी थी. ये फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ रहा था. इसी दौरान कतर के पास उसका सिग्नल कुछ समय के लिए गायब हो गया. फ्लाइट डेटा के मुताबिक, कुछ देर ये आसमान में चक्कर लगाता रहा और फिर नीचे उतरने लगा. रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक प्लेन के क्रैश होने की कोई खबर नहीं है. अमेरिका ने इसे लेकर जानकारी शेयर नहीं की है.
अमेरिका बोला- हम ईरान से लड़ाई नहीं चाहते
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ लड़ाई नहीं चाहता, लेकिन होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा जरूरी है. उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत अमेरिका की सेना होर्मुज में काम कर रही है, ताकि जहाज सुरक्षित तरीके से आ-जा सकें. पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान के “गैरकानूनी दबाव” को खत्म करना है, जो वह इस समुद्री रास्ते पर बनाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका को इस मिशन के लिए ईरान के हवाई क्षेत्र या समुद्री सीमा में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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होर्मुज में अमेरिकी वॉरशिप तैनात
अमेरिका ने होर्मुज में अपना बड़ा वॉरशिप USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश भेजा है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप की नई योजना प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत उठाया गया है. इस योजना का मकसद उन जहाजों को सुरक्षित निकालना है, जो होर्मुज में फंसे हुए हैं. इस वॉरशिप पर 60 से ज्यादा विमान मौजूद हैं.
होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के जहाज पर हमला
दूसरी ओर, होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ, जिससे आग लग गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह हमला ईरान ने किया. इस बारे में ईरान की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. वहीं, अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया है. अमेरिकी नेवी ने 21 अप्रैल को इस जहाज को पकड़ा था.
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