तेहरान: अमेरिका ने गुप्त रूप से ईरानी खुफिया समूह के कंप्यूटर सिस्टम पर साइबर हमले शुरू कर दिए हैं. ये हमले उसी दिन से शुरू हो गए, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य बल के परंपरागत तरीकों का उपयोग न करने का फैसला लिया था.
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मामले के जानकार एक अमेरिकी अधिकारी ने शनिवार को कहा कि साइबर हमले का निशाना कंप्यूटर सिस्टम हैं, जिनका इस्तेमाल मिसाइल व रॉकेट लांच के लिए किया जाता है. इन्हें महीनों पहले संभावित व्यवधान के लिए चुना गया था. साइबर हमले को ट्रंप ने गुरुवार को मंजूरी दी थी. समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों को अमेरिकी साइबर कमांड, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के साथ समन्वित रूप से अंजाम दे रहा है.
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अधिकारी ने साइबर हमले के बारे में कोई विशेष विवरण देने से इनकार किया, लेकिन कहा कि इसमें जीवन का कोई नुकसान नहीं है और ‘बहुत’ ही प्रभावी माना जाता है. यह हमला मध्य पूर्व में कई घटनाओं को लेकर ईरान व अमेरिका के बीच इस हफ्ते बढ़ते तनाव के दौरान सामने आया है. इसमें ईरान द्वारा अमेरिकी जासूसी ड्रोन को मार गिराने की घटना भी शामिल है.
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