वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि रूस से अरबों डॉलर की एस – 400 ट्रायम्फ मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली जैसे सैन्य उपकरणों की खरीद को वह एक महत्वपूर्ण सौदा मानेगा और इसे लेकर सख्त अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना है. दरअसल, भारत इन वायु रक्षा प्रणालियों को खरीदने पर विचार कर रहा है. Also Read - IND vs AUS 2nd ODI Live Streaming: कब-कहां और कैसे देखें भारत vs ऑस्ट्रेलिया दूसरे वनडे की Online स्ट्रीमिंग और Live Telecast

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज सैंक्शन एक्ट’ (काटसा) का उल्लंघन करने वाले देशों, विदेशी इकाइयों और लोगों पर प्रतिबंध लगाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया. Also Read - भारत की मेजबानी में 30 नवंबर को एससीओ नेताओं की बैठक में भाग लेंगे चीन के प्रधानमंत्री

इस आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिका ने एक चीनी इकाई पर प्रतिबंध लगाया है. रूसी सुखोई – 35 लड़ाकू विमान और सतह से सतह पर मार करने वाली एस – 400 एयर मिसाइल की हालिया खरीद को लेकर यह प्रतिबंध लगाया गया. Also Read - Aus vs Ind, 1st ODI: नंगे पैर मैदान पर घेरा बनाकर नस्लवाद के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगी ऑस्ट्रेलियाई टीम

काटसा ने ईरान, उत्तर कोरिया और रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं और यह भारत की रक्षा खरीद को प्रभावित कर सकता है क्योंकि रूस से करीब 4. 5 अरब डॉलर की एस – 400 ट्रायम्फ मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली खरीदने की इसकी योजना है. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इन प्रतिबंधों का निशाना रूस है.