US Capitol, public emergency, Washington, Latest News: यूएस संसद की बिल्‍डिंग कैपिटोल में डोनाल्‍ड ट्रंप समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प के वाकये के बाद अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर चार हो गया है. राजधानी वॉशिंगटन में अब पब्लिक इमरजेंसी (Public emergency) को बढ़ाकर 15 दिन के लिए कर दिया गया है.Also Read - Omicron Variant का खतरा: केंद्र सरकार ने की हाई लेवल मीटिंग, इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर निर्णय की फि‍र समीक्षा कर सकता है भारत

रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन पुलिस का कहना है कि अमेरिकी कैपिटल में हुई हिंसा के बाद 52 को गिरफ्तार किया गया है. Also Read - The Summit for Democracy: बाइडेन ने लोकतंत्र पर चर्चा के लिए 110 देशों को बुलाया, India के सिर्फ दो पड़ोसी शामिल

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#WashingtonDC के मेयर म्यूरियल बोसेर ने कहा, मैंने आज पहले से घोषित सार्वजनिक आपातकाल को बढ़ाते हुए कुल 15 दिन के लिए आदेश जारी किया है.

वहीं, हुई हिंसा के चलते ट्रंप प्रशासन की व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव ने इस्‍तीफा दे दिया है. वही, कैपिटोल के भीतर यह घोषणा की गई कि बाहरी सुरक्षा खतरे के कारण कोई व्यक्ति कैपिटोल परिसर से बाहर या उसके भीतर नहीं जा सकता.

मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ, व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव ने दिया इस्तीफा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा कैपिटोल परिसर में हिंसा के बाद अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफनी ग्रीसम, व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव सारा मैथ्यूज ने इस्तीफा दे दिया. ग्रीसम इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं. उनके बाद कैली मैकनेनी को अप्रैल में प्रेस सचिव बनाया गया. बुधवार को इस्तीफा देने वाली वह पहली व्यक्ति हैं.

व्हाइट हाउस से इस्तीफा देने वाली वह पहली वरिष्ठ कर्मचारी
ग्रीसम ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि व्हाइट हाउस में सेवा देना, उनके लिए सम्मानजनक रहा और वह बच्चों की मदद करने के मेलानिया ट्रंप के मिशन का हिस्सा बनकर भी गौरवान्वित महसूस करती हैं तथा उन्हें इस प्रशासन की कई उपलब्धियों पर गर्व है. व्हाइट हाउस से इस्तीफा देने वाली वह पहली वरिष्ठ कर्मचारी हैं.

देश को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण की जरूरत
मैथ्यूज ने भी इस्तीफा देने के बाद कहा, ”संसद में काम करने वाले कर्मी के रूप में मैंने आज जो देखा, उससे बेहद दुखी हूं. मैं अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रही हूं. हमारे देश को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण की जरूरत है.”

सामाजिक मंत्री रिकी निसेटा ने भी इस्तीफा दे दिया
‘एबीसी’न्यूज की खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस की सामाजिक मंत्री रिकी निसेटा ने भी ट्रंप समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर इस्तीफा दे दिया है.

संयुक्त सत्र आज रात फिर शुरू करने का फैसला
प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने सहकर्मियों को लिखे एक पत्र में कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने कैपिटल में शांति होने के बाद संयुक्त सत्र आज रात फिर शुरू करने का फैसला किया है.

मृतकों का आंकड़ा बढ़ा
एसोसिएटेड प्रेस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि चार लोगों की मौत हो गई है, क्योंकि ट्रंप समर्थकों ने वाशिंगटन डीसी में यूएस कैपिटल पर कब्जा कर लिया था. एक महिला को अमेरिकी कैपिटल पुलिस ने गोली मार दी थी, क्योंकि भीड़ ने एक बैरिकेड के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की और तीन की मेडिकल आपात स्थिति में मौत हो गई.

– वॉशिंगटन के मेयर ने सार्वजनिक आपातकाल को बढ़ाकर 15 दिन के लिए करने का आदेश जारी किया है.

– फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट, व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव सारा मैथ्यूज ने आज की घटनाओं के जवाब में ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दे दिया है.

ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटोल में घुस गए थे
बता दे कि बुधवार को कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में डोनाल्‍ड ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दी. अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटोल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. इन घटनाओं में एक महिला समेत चार लोगोंं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैंं.  साथ ही नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मोहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हुई.

रक्षाकर्मियों और ट्रंप समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी
यूएस कांग्रेस में जो बिडेन की चुनावी जीत के सर्टिफिकेशन पर बहस के दौरान निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी कैपिटल में एक प्रदर्शन आयोजित किया. इस दौरान कैपिटोल बिल्‍ड‍िंग में ट्रंप के समर्थक घुस गए और तोड़फोड़ करने लगे. इस बीच सुरक्षाकर्मियों और ट्रंप समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी. इसमें फायरिंग भी हुई थी.

उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था 
इन हालात में प्रतिनिध सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटोल को बंद कर दिया गया. उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. समाचार चैनल ‘सीएनएन’ ने मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता के हवाले से एक खबर में कहा कि एक महिला जिसे गोली मारी गई थी, उसकी मौत हो गई है. प्रदर्शनकारियों के हमले में कई अधिकारी घायल हो गए हैं. बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया. लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए. पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत का सामना करना पड़ी है. अब तक मृतकों का आंकड़ा बढ़कर चार हो चुका है.

ड्रोनाल्‍ड ट्रंप पर ट्विटर, FB के बैन के बाद Instagram ने भी किया ‘लॉक’
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में संसद की बिल्‍डिंग कैपिटोल में राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प के वाकये के बाद सोशल मीडया प्‍लेटफार्म ने उन पर सख्‍ती अपनाई है. अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली संबंधी पोस्ट लगातार करने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर बुधवार को 12 घंटे के लिए रोक लगा दी थी. ट्विटर ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ट्रंप ने नियमों का उल्लंघन किया तो उनके अकाउंट पर स्थायी रूप से रोक लगा दी जाएगी. वहीं, फेसबुक और यूट्यूब ने उनके वीडियो को हटा दिया था. अब इसी घटनाक्रम के बाद Instagram ने भी डोनाल्‍ड ट्रंप को लॉक करने की घोषणा कर दी है. इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने कहा, हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इंस्टाग्राम अकाउंट को 24 घंटे के लिए बंद कर रहे हैं.

दंगे होने से पहले कांग्रेस 538 ‘इलेक्टोरल वोट’में से 12 वोट को राष्ट्रपति ट्रंप को मिले थे
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. इन घटनाओं में एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. साथ ही नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मोहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हुई. बता दें कि दंगे होने से पहले कांग्रेस 538 ‘इलेक्टोरल वोट’में से 12 वोट को प्रमाणित कर चुकी थी और यह सभी राष्ट्रपति ट्रंप को मिले थे.

इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती हो रही थी, तभी घुसे प्रदर्शनकारी
कांग्रेस के सदस्य बुधवार को इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटल इमारत में घुस गए. पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत करनी पड़ी. इन हालात में प्रतिनिधिसभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटल को बंद कर दिया गया. उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया.

प्रदर्शनकारियों के हमले में कई अधिकारी घायल
समाचार चैनल ‘सीएनएन’ने मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता के हवाले से एक खबर में बताया कि एक महिला जिसे कैपिटल के भीतर गोली मारी गई थी उसकी मौत हो गई है. प्रदर्शनकारियों के हमले में कई अधिकारी घायल हुए हैं.

बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती
बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया. लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए. मेयर मुरियल बोसर ने दोपहर में कर्फ्यू की घोषणा कर दी थी. अधिकारियों ने ट्रंप समर्थकों द्वारा करीब चार घंटे तक की गई हिंसा पर काबू पाने के बाद कहा कि कैपिटल अब सुरक्षित है. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी.

ट्रंप ने पहले समर्थकों को बढ़ावा दिया, फिर लौटने की अपील
ट्रंप, जो पहले अपने समर्थकों को बढ़ावा दे रहे थे, हिंसा के बाद उन्होंने उनसे कानून का पालन करने और घर जाने की अपील की. ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कहा था,”यह चुनाव धोखाधड़ी भरे थे, लेकिन हम ऐसा कुछ नहीं कर सकते, जिससे खुद को नुकसान पहुंचे और दूसरों को फायदा. हमें शांति चाहिए ही चाहिए. इसलिए घर जाएं.”

हमारे लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला हो रहा है: जो बाइडेन
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस पूरी घटना पर कहा कि वह स्तब्ध और काफी दुखी हैं कि अमेरिका को ऐसा दिन देखना पड़ा. बाइडन ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कहा, ”इस समय, हमारे लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला हो रहा है. हमने आधुनिक समय में ऐसा कभी नहीं देखा. स्वतंत्रता के गढ़, कैपिटल पर हमला. लोगों का प्रतिनिधित्व करने वालों और कैपिटल हिल पुलिस…और लोक सेवक जो हमारे गणतंत्र के मंदिर में काम करते हैं उन पर हमला…”

यह अराजकता है. यह राजद्रोह के समान है
जो बाइडन ने कहा, ”मैं स्पष्ट करना चाहूंगा. कैपिटल में अराजकता का यह दृश्य असल अमेरिका को प्रतिबंबित नहीं करता. हम जो हैं, उसका प्रतिनिधित्व नहीं करता. हम देख रहे हैं, कि थोड़ी सी संख्या में कुछ कट्टरपंथी अराजकता फैला रहे हैं. यह अव्यवस्था है. यह अराजकता है. यह राजद्रोह के समान है. इसका अब अंत होना चाहिए.”

बाइडन बोले-ट्रंप से अपनी शपथ का मान रखें
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, ”मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपनी शपथ का मान रखते हुए, राष्ट्रीय टेलीविजन पर जाकर इसके अंत की मांग करते हुए संविधान की रक्षा करने की अपील करता हूं.”

नेशनल गार्ड की तैनाती
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनेनी ने बताया कि राष्ट्रापति ट्रंप ने नेशनल गार्ड और अन्य संघीय सुरक्षा सेवाओं को कैपिटल में इन दंगाइयों से निपटने में मदद करने का निर्देश दिया है. कार्यकारी रक्षा सचिव क्रिस मिलर ने हालांकि कहा कि उन्होंने उप राष्ट्रपति माइक पेंस, सीनेट के नेता मैककोनेल, स्पीकर पेलोसी और सीनेटर शुमर से ‘नेशनल गार्ड’ की तैनाती को लेकर बात की है. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का जिक्र नहीं किया.