भारत में सबसे पहले पाए गए कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा स्वरूप को लेकर अमेरिका बेहद चिंतित है. अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने इसे बेहद चिंताजनक वैरिएंट बताया है.Also Read - Covaxin News: अमेरिकी एजेंसी ने कहा- Covaxin अल्फा और डेल्टा दोनों वैरिएंट पर बेहद प्रभावी

सीडीसी ने कहा है कि डेल्टा स्वरूप में प्रसार की क्षमता काफी अधिक है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में पाए गए वायरस के तमाम स्वरूप चिंता के विषय रहे हैं लेकिन डेल्ट स्वरूप इनमें सबसे खतरनाक है. सीडीसी के प्रवक्ता ने कोरोना के B.1.1.7 (अल्फा), B.1.351 (बीटा), P.1 (गामा), B.1.427 (एप्सिलन), B.1.429 (एप्सिलन) और N.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट की बात की. उन्होंने कहा कि अमेरिका में अब तक ऐसा कोई वैरिएंट नहीं मिला है जिसका प्रभाव बहुत अधिक हो. Also Read - Delta Plus Variant In India: देश में मिले 40 मरीज, केंद्र सरकार ने दी ये हिदायत

वायरस के किसी भी स्वरूप को चिंताजनक तब बताया जाता है जब वैज्ञानिक मानते हैं कि वह अधिक संक्रामक है तथा गंभीर रूप से बीमार कर सकता है. चिंताजनक स्वरूप की पहचान करने वाली जांच, उपचार और टीके भी इसके खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं. इससे पहले सीडीसी ने डेल्टा स्वरूप के बारे में कहा था कि इस स्वरूप के बारे में और अनुसंधान की जरूरत है. Also Read - Delta Plus Variant In Maharashtra: बेहद खतरनाक है ये वैरिएंट, राज्य में 21 मामले मिले

वायरस के किसी भी स्वरूप को चिंताजनक तब बताया जाता है जब वैज्ञानिक मानते हैं कि वह अधिक संक्रामक है तथा गंभीर रूप से बीमार कर सकता है. चिंताजनक स्वरूप की पहचान करने वाली जांच, उपचार और टीके भी इसके खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं. इससे पहले सीडीसी ने डेल्टा स्वरूप के बारे में कहा था कि इस स्वरूप के बारे में और अनुसंधान की जरूरत है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 10 मई को डेल्टा को चिंताजनक स्वरूप बताया था.

सीडीसी के अनुमान के मुताबिक, पांच जून तक अमेरिका में संक्रमण के मामलों में से 9.9 फीसदी के पीछे वजह डेल्टा स्वरूप था. वायरस के स्वरूपों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘आउटब्रेक डॉट इन्फो’ के अनुसार, 13 जून तक डेल्टा स्वरूप के मामले 10.3 फीसदी हो गए. सीएनएन की एक रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि महीने भर के भीतर अमेरिका में डेल्टा स्वरूप सबसे प्रभावशाली स्वरूप बन सकता है.

पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके मुख्य सलाहकार डॉ. एंथनी फाउची ने आगाह किया था कि नोवेल कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप बहुत अधिक संक्रामक है, यह ब्रिटेन में 12 से 20 वर्ष के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है तथा वहां सबसे हावी स्वरूप साबित हो रहा है.

अमेरिका में बीते कुछ महीनों से कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ रही है लेकिन टीकाकरण की धीमी गति के मद्देनजर चिंता जताई जा रही है कि डेल्टा स्वरूप यहां फिर से कहर बरपा सकता है.