Joe Biden, US president, Donald Trump, US, US Congress, Kamala Harris, US MEDIA: यूएस की राजधानी हिंसा के बीच गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में इलेक्‍ट प्रेसिडेंट जो बाइडन की मिली जीत करे सत्‍यापित कर दिया है. वहीं निवर्तमान राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मुश्‍किलें बढ़ सकती है. फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 20 जनवरी को कानून के मुताबिक जो बाइडेन को पॉवर ट्रांसफर कर दिया जाएगा. कैपिटोल हिंसा को लेकर राष्‍ट्रपति ट्रंप अमेरिकी मीडिया के निशाने पर रहे. यूएस मीडिया ने ट्रंप को महाभियोग प्रक्रिया या आपराधिक मुकदमे के तहत जिम्मेदार ठहराने की मांग की है. Also Read - Joe Biden के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर अलर्ट, हो सकता है IED विस्फोट

”व्यवस्थित”तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होगा, हालांकि मैं चुनाव नतीजों से असहमत हूं: ट्रंप  
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज बृहस्पतिवार को कहा कि 20 जनवरी को जो बाइडन को ”व्यवस्थित”तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होगा. अमेरिका के अगले राष्ट्रपति के लिए बाइडन और उपराष्ट्रपति के लिए कमला हैरिस की जीत को औपचारिक रूप से प्रमाणित किए जाने के लिए अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र के बाद ट्रंप का यह बयान आया है. ट्रंप ने एक बयान में कहा, ”हालांकि मैं चुनाव के नतीजों से पूरी तरह असहमत हूं, इसके बावजूद 20 जनवरी को व्यवस्थित तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होगा.”

बाइडन और हैरिस 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे
संसद में बाइडन (78) और हैरिस (59) की जीत की पुष्टि के बाद ट्रंप ने कहा कि इस निर्णय के साथ ”राष्ट्रपति के तौर पर शानदार पहले कार्यकाल का अंत हो गया है.” चुनाव में धांधली के बारे में अपने दावों को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, ”अमेरिका को फिर से महान बनाने के लिए यह हमारे संघर्ष की शुरुआत है.” बाइडन और हैरिस 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे. कोविड-19 महामारी के कारण सादे तरीके से समारोह का आयोजन होगा.


जो बाइडेन जल्‍द ही राष्ट्रपति और कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति पद पर शपथ ले सकेंगे
यूएस कांग्रेस के संयुक्‍त सत्र में प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन और वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट कमला हैरिस की जीत को मंजूरी दी गई. कांग्रेस की मंजूरी के बाद अब  जो बाइडेन जल्‍द ही अमेरिका के राष्ट्रपति और कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति पद पर शपथ लेने का रास्‍ता साफ हो गया है.

ट्रंप को महाभियोग प्रक्रिया या आपराधिक केस के तहत जिम्मेदार ठहराने की मांग की है
अमेरिकी मीडिया ने कैपिटल पर निर्वतमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के हमले के बाद ट्रंप को एक खतरा करार दिया है और कहा है कि वह कार्यालय में रहने के योग्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें पद से हटाया जाए. अमेरिकी मीडिया ने ट्रंप को महाभियोग प्रक्रिया या आपराधिक मुकदमे के तहत जिम्मेदार ठहराने की मांग की है.

कैपिटल हिल पर हिंसा में चार मौतों के बाद संयुक्त सत्र की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई
कांग्रेस के संयुक्त सत्र में निर्वाचन का सत्यापन बृहस्पतिवार तड़के किया गया. निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैकड़ों समर्थकों द्वारा कांग्रेस की कार्यवाही बाधित किए जाने के बाद बुधवार देर रात संयुक्त सत्र की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई. निर्वाचन मंडल के मतों की पुष्टि कैपिटल हिल पर हिंसा की घटना के बाद आई है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई है और इलाके में लॉकडाउन लगाना पड़ा है. इस हिंसा में सुरक्षाकर्मियों के लिए अपनी जान बचाकर भागने की नौबत आ गई और इमारत के भीतर गोलीबारी की घटना हुई.

सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर समर्थन किया
बता दें राष्ट्रपति चुनाव में बाइडन करीब आठ करोड़ मतों के साथ निर्वाचन मंडल के 306 मतों को हासिल करने में सफल हुए थे. संसद में दो घंटे तक चली सत्यापान की कार्यवाही का सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर समर्थन किया. यहां तक कि उन्होंने दो राज्यों- एरिजोना एवं पेनसिल्वेनिया – में निर्वाचन संबंधी आपत्तियों को भी खारिज कर दिया.

एरिजोना के चुनाव नतीजों पर आपत्ति अस्वीकार
सीनेट ने 6 मतों के मुकाबले 93 मतों से एरिजोना के चुनाव नतीजों पर आपत्ति को अस्वीकार किया, जबकि प्रतिनिधि सभा ने इसे 121 के मुकाबले 303 मतों से खारिज किया. इसी प्रकार सीनेट ने पेनसिल्वेनिया के चुनाव नतीजों पर आपत्ति को सात के मुकाबले 97 मतों से अस्वीकार किया, जबकि प्रतिनिधि सभा में आपत्ति 138 के मुकाबले 282 मतों से नामंजूर हुई. भारतीय मूल के चार सांसदों- रो खन्ना, एमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाला- ने आपत्ति के खिलाफ मत दिया.

सांसदों ने कैपिटल बिल्डिंग में तैनात पुलिसबल की कार्रवाई की जांच की मांग की
अमेरिकी सांसदों ने इस बात की जांच कराने का प्रण लिया है कि जब निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ कैपिटल बिल्डिंग में घुसी तो वहां तैनात पुलिस ने पूरी स्थिति से कैसे निपटा. सांसदों ने यह भी प्रश्न उठाया कि क्या पुलिस की तैयारियों में चूक के कारण भीड़ इमारत में घुस सकी और वहां तोड़-फोड़ की. प्रतिनिधि सभा में प्रशासन समिति की अध्यक्ष एवं रिपब्लिकन पार्टी के सांसद जो लोफग्रेन ने कहा कि कैपिटल में भीड़ के घुसने से सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंता पैदा की हैं. उन्होंने कहा कि उनकी समिति प्रतिनिधि सभा और सीनेट के नेताओं के साथ मिल कर पुलिस की कार्रवाई और उसकी तैयारियों की समीक्षा करेगी.

राष्ट्रपति ट्रंप देश के लिए खतरा हैं, कैपिटल हमले के लिए उनकी जवाबदेही तय हो: US मीडिया
अमेरिकी मीडिया ने कैपिटल पर निर्वतमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के हमले के बाद ट्रंप को एक ‘खतरा’ करार दिया है और कहा है कि वह कार्यालय में रहने के योग्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें पद से हटाया जाए. अमेरिकी मीडिया ने ट्रंप को महाभियोग प्रक्रिया या आपराधिक मुकदमे के तहत जिम्मेदार ठहराने की मांग की है.

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने ‘काला दिन’ करार दिया
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने संपादकीय में 6 जनवरी, 2021 को ‘काला दिन’ करार दिया है. द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक संपादकीय का शीर्षक ‘कैपिटल हमले के लिए ट्रंप को दोषी ठहराया जाए’लगाया है. इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रयासों का समर्थन करने वाले रिपब्लिकन को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए. यह हमला उस सरकार के खिलाफ है, जिसका वह नेतृत्व करते हैं और उस देश के खिलाफ है, जिससे प्रेम करने की शपथ उठाते हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. ट्रंप के ‘उकसावे वाले बयानों’ ने हजारों लोगों की भीड़ को कैपिटल बिल्डिंग में घुसने के लिए उकसाया. इनमें से कुछ सदन और सीनेट में भी घुस आए, जहां देश के निर्वाचित प्रतिनिधि इलेक्टोरल वोटों की गिनती और नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मोहर लगाने के संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे.

द वॉशिंगटन पोस्ट- राजद्रोह के इस कृत्य की जिम्मेदारी राष्ट्रपति पर है
द वॉशिंगटन पोस्ट ने एक संपादकीय का शीर्षक ’ट्रंप की वजह से कैपिटल परिसर में हमला और उन्हें जरूर हटाया जाना चाहिए’ लगाया है. संपादकीय में कहा गया है कि चुनावी हार को स्वीकार करने से इनकार करने और लगातार अपने समर्थकों को उकसाने की वजह से बुधवार को हिंसक भीड़ ने कैपिटल बिल्डिंग पर हमला किया. राजद्रोह के इस कृत्य की जिम्मेदारी राष्ट्रपति पर है, क्योंकि उन्होंने दिखाया है कि कार्यालय में उनका बने रहना, अमेरिकी लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है. ट्रंप अगले 14 दिन तक कार्यालय में बने रहने के ‘योग्य नहीं हैं.’संपादकीय में कहा गया है कि उप राष्ट्रपति माइक पेंस को तत्काल मंत्रिमंडल की बैठक बुलानी चाहिए और संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करना चाहिए.

सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति ने लोगों को उस विश्वास को तोड़ने के भड़काया
संपादकीय में कहा गया, ”तंत्र में विश्वास की वजह से अमेरिकी जनता सीट बेल्ट बांधती है, यातायात नियमों का पालन करती है और आयकर चुकाती हैं. तंत्र में इसी विश्वास से काम होता है. अमेरिका में सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति ने लोगों को उस विश्वास को तोड़ने के भड़काया, न सिर्फ ट्वीट के जरिए बल्कि कदम उठाकर. ट्रंप खतरा हैं और जब तक वे व्हाइट हाउस में रहेंगे तो देश को खतरा बना रहेगा.”

यूएस कैपिटल पर अभूतपूर्व हमले की तस्वीरों से पटा रहा अमेरिका मीडिया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद पर हमले की खबरें अमेरिकी मीडिया पर छाई रहीं और टेलीविजन पर स्तब्ध करने वाली तस्वीरें दिखाई जिनमें बंदूकों से लैस लोग प्रतिनिधि सभा में घुस रहे हैं और पुलिस के साथ हाथा-पाई कर रहे हैं. सीएनएल के वुल्फ ब्लिट्जर ने कहा, विश्वास करना मुश्किल था कि यह सब हो रहा है. यह अभूतपूर्व है, यह खतरनाक है और यह अमेरिका को बहुत असहज करने वाला है.

स्तब्ध करने वाली तस्वीर दिखाई
न्यूजमैक्स ने स्तब्ध करने वाली तस्वीर दिखाई, जिसमें इमारत में पुलिस और दंगाई आमने सामने थे. फॉक्स न्यूज चैनल के संवाददाता चाड पेरग्राम ने कहा, ‘‘भीड़ ने इलेक्ट्रल कालेज के फैसले के सत्यापित करने की प्रक्रिया बाधित कर दी है और कैपिटल की सुरक्षा असफल रही है.

यह यूक्रेन नहीं है, यह बेलारूस नहीं है
एनबीसी के चक टोड ने कहा, यह स्तब्ध करने वाला है कि यह कितनी आसानी से हुआ. एबीसी के प्रस्तोता जॉर्ज स्टेफेनोपॉलस ने कैपिटल के दरवाजों को तोड़ते हुए लोगों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा, ”यह यूक्रेन नहीं है, यह बेलारूस नहीं है.”

हम उन्हें आतंकवादी कहेंगे
अमेरिका मीडिया के न्यूजरूम में इस बात पर बहस होती रही कि इस भीड़ को क्या कहा जाए, प्रदर्शनकारी, विरोध करने वाले या दंगाई. सीएनएन के जेक टैपर ने कहा, ”हम उन्हें आतंकवादी कहेंगे.” एनबीसी के लेस्टर हॉल्ट ने कहा, ”इसमें कुछ तख्तापलट करने वाले तत्व शामिल हैं.”