
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Iran US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है. वेनेजुएला में सक्रिय हस्तक्षेप के संकेतों के बाद अब ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन देते हुए कहा है कि मदद आ रही है. इस एक वाक्य ने उन कयासों को हवा दे दी है कि क्या अमेरिका अब ईरान पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरानी प्रदर्शनकारियों को देशभक्त संबोधित करते हुए लिखा, “विरोध जारी रखो और अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो.” उन्होंने दमनकारी अधिकारियों को चेतावनी दी कि उन्हें अपने कामों की भारी कीमत चुकानी होगी. ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाली सभी कूटनीतिक बैठकें रद्द कर दी हैं और MIGA (मेक ईरान ग्रेट अगेन) का नारा दिया है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, अमेरिका मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें हवाई हमले भी शामिल हैं. इसके अलावा, ट्रंप ने आर्थिक मोर्चे पर भी घेराबंदी शुरू कर दी है. उन्होंने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, अमेरिका उन पर 25% टैरिफ लगाएगा.
ट्रंप की इस धमकी ने रूस को भी सक्रिय कर दिया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि बाहरी ताकतों द्वारा भड़काई गई अशांति मिडिल ईस्ट और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भयानक नतीजे लाएगी. रूस का रुख साफ है कि वह ईरान में किसी भी अमेरिकी सैन्य दखल का विरोध करेगा.
वहीं, ईरान ने अपनी रक्षात्मक मुद्रा को और आक्रामक बना दिया है. ईरान के रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी हमले का जवाब जोरदार तरीके से दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य बेस और वॉशिंगटन की मदद करने वाले देश ईरान की मिसाइलों के सीधे निशाने पर होंगे.
ईरान के भीतर चल रहे इन प्रदर्शनों में अब तक 2,400 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इस नाजुक मोड़ पर ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने एक नया और निर्णायक संदेश जारी किया है. उन्होंने ट्रंप के संदेश का हवाला देते हुए जनता से कहा कि दुनिया उनके साहस को देख रही है और अब मदद दूर नहीं है.
पहलवी ने विशेष रूप से ईरानी सेना को संबोधित करते हुए कहा, “आप ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं, इस्लामी गणराज्य की सेना नहीं. अपने देशवासियों की रक्षा करना आपका कर्तव्य है. शासन का साथ छोड़कर जितनी जल्दी हो सके जनता से जुड़ें.” उनका यह संदेश ईरानी सुरक्षा तंत्र के भीतर दरार पैदा करने की एक रणनीतिक कोशिश मानी जा रही है.
फिलहाल, ईरान की सड़कों पर बहता खून और वॉशिंगटन से आती चेतावनियां इस बात की गवाह हैं कि मध्य पूर्व एक बड़े ज्वालामुखी के मुहाने पर खड़ा है. यदि कूटनीति विफल होती है, तो एक नया युद्ध छिड़ना तय लग रहा है.
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