when will us election results come out 2020 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव (us election results 2020 live) में बुधवार सुबह जीत का दावा किया, जबकि वोटों की गिनती अभी भी अधूरी थी और उन्होंने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह वोटिंग रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. अमेरिका में जीत के लिए 270 वोटों की जरूरत है. Also Read - असदुद्दीन ओवैसी का भाजपा पर तंज, बोले- नगर निगम चुनाव प्रचार में अब केवल डोनाल्ड ट्रंप का आना बाकी है..

वैसे राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना को शुरू हुए 12 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है. लेकिन, अब भी चुनावी नतीजे सामने नहीं आए हैं कि कौन जीत और कौन हारा? डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन में से कोई भी प्रत्याशी अभी तक 270 के जादुई आंकड़े को नहीं पा सका है. ऐसे में हर कोई पूछ रहा है कि आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे कब आएंगे? अमेरिका में दशकों बाद ऐसे हालात बने हैं कि मतगणना शुरू होने के इतने समय बाद भी अबतक जीत और हार का कोई फैसला नहीं हो सका है. Also Read - US President: जिद के बाद आखिरकार व्हाइट हाउस छोड़ने को तैयार हुए डोनाल्ड ट्रंप, रखी ये शर्त

क्यों लंबा खिंच रहा है अमेरिकी चुनाव?

दरअसल अभी तक की मतगणना में न तो ट्रंप और न ही बाइडेन की जीत को लेकर कोई तस्वीर साफ हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह देरी इस बार पोस्टल बैलेट के जरिए हुए भारी संख्या में मतदान के कारण हो रही है. चूंकि, पोस्टल बैलेट की काउंटिंग में अधिक समय लगता है. जबकि, जो भी मतदान पोलिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हुए हैं उन्हें अभी तक गिना जा चुका है. यही कारण है कि अभी तक किसी भी प्रत्याशी के जीत के दावे नहीं किए जा रहे हैं. Also Read - आखिर किसे माफ़ी देकर खुश हुए डोनाल्ड ट्रंप, बोले- 'मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं, बधाई'

कब आएंगे नतीजे? अमेरिकी चुनाव परिणामों में देरी का रहा है इतिहास

अमेरिका के चुनाव पर सारी दुनिया की नजरें गड़ी हुई हैं. मगर ऐसा हो सकता है कि हम शायद तीन नवंबर (भारतीय समय के मुताबिक चार नवंबर) की रात को डोनाल्ड ट्रंप बनाम जो बाइडन के परिणाम को न जान सकें. अमेरिका का राष्ट्रपति कौन होगा? अभी तक किसी को पता नहीं. हालांकि अभी तक जो संकेत मिल रहे हैं उससे साफ है कि अमेरिका में चुनावी नतीजे इतने आसानी से घोषित नहीं होंगे. शुरुआती रुझानों में जो बाइडेन आगे चल रहे हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि वो चुनाव जीत चुके हैं. ऐसे में अब ये लड़ाई अदालत और सीनेट के हवाले होती दिख रही है. क्योंकि अगर किसी भी उम्मीदवार ने मौजूदा नतीजों को नहीं माना, तो अमेरिकी इतिहास में ऐसी परिस्थिति खड़ी हो सकती है जो अभी तक सामने नहीं आई है.

यह विचित्र नहीं है. सन् 2000 और इससे पहले भी अमेरिका के चुनावी परिणाम में देरी हो चुकी है. अगर 2000 की बात करें तो चुनाव के एक महीने बाद 12 दिसंबर को अमेरिका और दुनिया के लोगों को चुनावी नतीजों की जानकारी मिल पाई थी. तब अमेरिका सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि फ्लोरिडा को वोटों की गिनती बंद करनी चाहिए और जॉर्ज डब्ल्यू बुश बनाम अल गोर के लिए चुनाव कराया जाए.

वर्ष 1937 तक, अमेरिकी राष्ट्रपति जनवरी के बजाय मार्च महीने में सत्ता की गद्दी संभालते थे, क्योंकि मुख्य रूप से मतगणना में ही लंबा समय बीत जाता था. 1918 में स्पैनिश फ्लू के दौरान चुनाव आयोजित किए गए थे, लेकिन वे राष्ट्रपति चुनाव नहीं बल्कि मध्यावधि चुनाव थे. अमेरिकी इतिहास की जानकारी रखने वाले इतिहासकारों का मानना है कि थॉमस जेफरसन बनाम जॉन एडम्स की 1800 में हुई चुनावी लड़ाई नौ महीने तक चली थी. हालांकि वर्तमान चुनाव में नौ महीने का समय किसी और परिदृश में सामने आया है.

अभी क्या हैं ताजा हाल?

अमेरिका में मतदान के आखिरी दिन यानी तीन नवंबर को मतदान खत्म होते ही गिनती शुरू हो गई. हालांकि अभी मौजूदा डाटा के मुताबिक, जो बाइडेन करीब 238 इलेक्टोरल वोट पा चुके हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप के खाते में 213 वोट ही मिल पाए हैं. वैसे अभी ये शुरुआती आंकड़ा है. जीत के लिए 270 मत चाहिए.

इससे पहले व्हाइट हाउस में बुधवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह अमेरिकी जनता के साथ धोखा है. यह हमारे देश के लिए शर्मनाक है.” उन्होंने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. हम चाहते हैं कि सभी वोटिंग रुक जाए. हम नहीं चाहते कि वे सुबह चार बजे के बैलेंस को अपनी लिस्ट में जोड़ें.”

ट्रंप संभवत: ‘वोटिंग’ के बजाय वोटों की गिनती की चल रही प्रक्रिया का उल्लेख कर रहे थे, क्योंकि मंगलवार रात को मतदान समाप्त हो गया. उन्होंने कहा, “जहां तक मेरा सवाल है, हम पहले ही जीत चुके हैं.” इससे पहले ट्रंप ने ‘बड़ी जीत’ के बारे में ट्वीट किया था, जिसके जवाब में उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन ने ट्वीट किया, “मैं या ट्रंप घोषित नहीं कर सकते कि कौन जीता. यह जनता तय करेगी.”

यहां तक कि ट्रंप के एक सलाहकार, न्यूजर्सी के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टी ने राष्ट्रपति के बयान की आलोचना करते हुए कहा, “यह एक बुरा रणनीतिक निर्णय है. यह एक बुरा राजनीतिक निर्णय है.” ट्रंप ने बुधवार सुबह को संबोधन में कहा, “हम एक बड़े जश्न के लिए तैयार थे. हम सब कुछ जीत रहे थे और अचानक ही इसे रद्द करना पड़ा.”

यह स्पष्ट नहीं है कि उनके आरोप का टारगेट कौन है, क्योंकि अधिकारी अभी भी अधिकांश राज्यों में वोटों की गिनती की प्रक्रिया में थे, भले ही मीडिया ने कुछ वोटों की संख्या के आधार पर विजेताओं की घोषणा कर दी, जिनके नतीजे आने अभी भी लंबित हैं.

इससे पहले, बइडन ने वर्चुअल रूप से जीत की घोषणा करते हुए कहा, “हम चुनाव जीतने जा रहे हैं.” उन्होंने समर्थकों से कहा, “मैं आज रात आपको यहां यह बताने के लिए हूं कि हम चुनाव जीतने की राह पर हैं. मैं चुनाव परिणाम को लेकर आशावादी हूं.” उन्होंने कहा कि यह तब तक खत्म नहीं होता जब तक कि हर मतपत्र की गिनती नहीं हो जाती.

इस बीच ट्रंप ने कहा, “लाखों और लाखों लोगों ने हमें वोट दिया लेकिन कुछ बेहद दुखी लोगों का एक समूह है जो लोगों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ कर रहा है.” उन्होंने नार्थ कैरोलाइना, जॉर्जिया, पेन्सिलवेनिया में अपनी जीत का दावा किया, जबकि वोटिंग अभी चल ही रही थी. हालांकि, ट्रंप ने दो महत्वपूर्ण राज्यों फ्लोरिडा और टेक्सास को जीत लिया है. तड़के 3 बजे एनबीसी और सीबीसी ने ट्रंप के 213 के मुकाबले बाइडन को 220 इलेक्टोरल कॉलेड वोटों से जीतते दिखाया, जबकि मतगणना जारी थी. जीत के लिए 270 वोटों की जरूरत है.

(इनपुट आईएएनएस/भाषा)