
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को एक सख्त चेतावनी जारी की है. दूतावास ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका में पढ़ाई के दौरान अगर कोई स्टूडेंट अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करता है या किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होता है, तो उसका स्टूडेंट वीजा रद्द किया जा सकता है. इतना ही नहीं, ऐसे छात्रों को अमेरिका से डिपोर्ट भी किया जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीजा मिलने पर भी रोक लग सकती है.
US Embassy ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘अमेरिकी कानून तोड़ने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. अगर आप गिरफ्तार होते हैं या किसी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है, आपको देश से बाहर निकाला जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीज़ा के लिए आप अयोग्य हो सकते हैं.’ दूतावास ने यह भी दोहराया कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है.
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार अवैध इमिग्रेशन पर सख्ती कर रही है और स्टूडेंट वीजा और H-1B जैसे वर्क वीजा नियमों को और कठोर बनाया जा रहा है. इससे पहले दूतावास ने H-1B और H-4 वीजा आवेदकों को भी आगाह किया था कि इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन पर कड़े आपराधिक दंड का सामना करना पड़ सकता है.
सख्त नीतियों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. पिछले साल अमेरिका में नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के दाखिले में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. अगस्त 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में साल-दर-साल 19 प्रतिशत की कमी आई, जो 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह भारत से जाने वाले छात्रों की संख्या में आई कमी बताई जा रही है.
वहीं H-1B वीजा आवेदकों को भी अभूतपूर्व देरी का सामना करना पड़ रहा है. भारत में अमेरिकी दूतावासों में कई वीजा अपॉइंटमेंट या तो रद्द कर दी गईं या महीनों के लिए आगे बढ़ा दी गईं, जिससे हजारों कुशल पेशेवर प्रभावित हुए हैं. अवैध इमिग्रेशन को लेकर भी अमेरिकी दूतावास ने सख्त रुख अपनाया है. इसे ‘बेकार और खतरनाक यात्रा’ बताते हुए दूतावास ने कहा कि अवैध प्रवासी अक्सर मानव तस्करों, हिंसक गिरोहों और भ्रष्ट अधिकारियों का शिकार बनते हैं. दूतावास के मुताबिक, अवैध इमिग्रेशन से फायदा केवल तस्करों को होता है, जबकि आम लोग शोषण और खतरे का सामना करते हैं.
कुल मिलाकर, अमेरिकी दूतावास का यह संदेश साफ है, जो भी छात्र या कामगार अमेरिका में रहना चाहते हैं, उन्हें वहां के कानूनों और वीजा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, वरना इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
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