वाशिंगटन: अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने हिजबुल्ला नेतृत्व पर आज प्रतिबंधों की घोषणा की. यह क्षेत्र में ईरान और उसके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अमेरिका की कवायद का हिस्सा है. Also Read - राष्‍ट्रपति शी के नेतृत्व में चीन ने भारत के प्रति आक्रामक विदेश नीति अपनाई है: US आयोग की रिपोर्ट

अमेरिका और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले टेररिस्ट फाइनेंसिंग एंड टार्गेटिंग सेंटर (टीएफटीसी) ने कहा कि प्रतिबंध हिजबुल्ला की शूरा काउंसिल को निशाना बनाकर लगाए गए हैं. यह लेबनान की शक्तिशाली मिलिशया की निर्णय लेने वाली काउंसिल है. शिया संगठन हिजबुल्ला के महासचिव हसन नसरल्ला और उप महासचिव नईम कासिम और तीन अन्य शूरा काउंसिल सदस्यों पर प्रतिबंध लगा रखे हैं. इन सभी के नाम पर संपत्ति और वैश्विक वित्तीय नेटवर्कों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. इस बीच, टीएफटीसी के छह खाड़ी देश सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने हिजबुल्ला से संबद्व अन्य नौ लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की है. अमेरिका के वित्त विभाग ने पहले ही इन्हें काली सूची में डाल रखा है. यह दूसरी बार है जब वर्षों पुरानी टीएफटीसी संगठनों पर प्रतिबंधों की घोषणा करने के लिए एक साथ आई है. (इनपुट एजेंसी) Also Read - India-China Border Row: अमेरिका ने कहा- भारत व अन्य देशों के खिलाफ आक्रामक रवैया चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का असली चेहरा

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