होमुर्ज पर अमेरिका का सख्त, बोला - नाकाबंदी बर्दाश्त नहीं..., भारत से बातचीत में दी चेतावनी

होमुर्ज स्ट्रेट को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत हुई. अमेरिका ने जहाजों को निर्देश मानने को कहा, जबकि भारत ने भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया.

Written by: Gargi Santosh
Published: June 13, 2026, 9:43 PM IST

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, होमुर्ज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत में कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल के अवैध परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का तुरंत पालन करना होगा. अमेरिका का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समुद्री मार्गों की निगरानी बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.

भारत ने अमेरिकी हमलों पर जताई आपत्ति

दूसरी ओर, बातचीत के दौरान भारत ने भी अपना स्टैंड रखा. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान तट के पास हुए उन हमलों पर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिनमें भारतीय नागरिकों की जान गई. जयशंकर ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती. भारत ने साफ किया कि समुद्री व्यापार और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और किसी भी स्थिति में निर्दोष लोगों की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए.

जहाजों पर हमले के बाद बढ़ी चिंता

बता दें इस हफ्ते ओमान के पास समुद्री क्षेत्र में हमले की कई घटनाएं सामने आईं. एमवी जलवीर और एमटी सेटेबेलो जैसे जहाजों पर अटैक हुआ. इनमें से एक घटना में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिससे भारत में चिंता बढ़ गई. भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी पक्ष के सामने अपनी चिंता रखी और क्षेत्र में तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया.

एक जहाज पर हमले की खबर निकली गलत

एक दिन पहले शुक्रवार (12 जून) को ओमान के पास एक और जहाज एमटी लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबर सामने आई थी. हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इन रिपोर्टों को खारिज कर दिया. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि संबंधित जहाज से संपर्क किया गया और पुष्टि हुई कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं. इस बयान के बाद कुछ हद तक स्थिति को लेकर स्पष्टता आई।

समुद्री सुरक्षा और कूटनीति पर बढ़ा फोकस

इस घटनाक्रम ने दिखाया है कि होमुर्ज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक असर डाल सकता है. भारत ने स्पष्ट किया है कि समुद्री सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान ही आगे का रास्ता हैं. वहीं, अमेरिका क्षेत्र में अपनी सुरक्षा नीति को लेकर सख्त रुख बनाए हुए है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और चर्चा तेज हो सकती है.

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