'24 अरब डॉलर संपत्ति' के कारण अटकी है यूएस-ईरान डील, सुप्रीम लीडर के सलाहकार का बड़ा खुलासा

US-Iran Deal: अमेरिका ने ईरान की करीब 24 अरब डॉलर की संपत्ति फ्रीज की है. ईरान इसे दो चरणों में पाना चाहता है.

Written by: Vineet Sharan Edited by: Vineet Sharan
Updated: June 6, 2026, 7:18 AM IST

US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता महीनों की बातचीत के बाद भी अटका पड़ा है. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को खुलासा किया कि इस डील में क्या रोड़ा है उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता इस बात पर निर्भर करता है कि क्या अमेरिकी प्रशासन ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति जारी करने पर सहमत होता है या नहीं. यह संपत्ति करीब 24 अरब डॉलर की है.

सीएनएन ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजई का इंटरव्यू लिया है. इसमें ही सैन्य सलाहकार ने कई खुलासे किए हैं. मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका फिर से लड़ाई शुरू करता है, तो वह अंधेरे रास्ते पर चला जाएगा.

क्या है ईरान का प्रस्ताव

ईरान ने मांग की है कि अमेरिका के साथ अंतरिम समझौता होते ही फ्रीज किए गए फंड में से 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं और बाकी 12 अरब डॉलर बाद में दिए जाएं. मोहसेन रेजाई ने कहा, बातचीत रुकी हुई है और ट्रंप को इस गतिरोध को खत्म करना होगा.

अमेरिका क्यों नहीं जा कर रहा फंड

अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि फंड जारी करने से ईरान की सरकार पर दबाव बनाने का एक अहम जरिया खत्म हो सकता है. ट्रंप ने मांग की है कि कोई भी समझौता 2015 में हुए परमाणु समझौते से कहीं ज्यादा मजबूत हो और ऐसा कुछ भी न हो जिसे “ढेर सारा कैश” सौंपने जैसा समझा जाए क्योंकि ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के तेहरान को वित्तीय मुआवजा देने के फैसले की आलोचना करते रहे हैं.

बड़ी बातें

  • रेजाई ने कहा, यह हमारा अपना पैसा है, अमेरिका का पैसा नहीं
  • चेतावनी दी कि फिर युद्ध हुआ तो ईरान इसे फारस की खाड़ी से आगे ले जाएगा
  • हिंद महासागर, बाब अल-मंदेब, लाल सागर, भूमध्य सागर तक युद्ध होगा
  • रेजाई ने यह भी कहा कि फिर ईरान अमेरिका युद्ध की संभावना कम है

कौन हैं रेजाई

रेजाई ईरान के सुरक्षा तंत्र से गहराई से जुड़े हुए हैं और उन्हें मौजूदा सुप्रीम लीडर का करीबी माना जाता है. IRGC के पुराने नेताओं में शामिल रेजाई ने ईरान-इराक युद्ध में लड़ाई लड़ी और 1981 से 1997 तक इस फोर्स का नेतृत्व किया. वे बाद में ‘एक्सपीडिएंसी काउंसिल’ में शामिल हुए, जो सर्वोच्च नेता को सलाह देती है. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति के तौर पर काम किया. रेजाई ने चार बार राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ा लेकिन कभी जीते नहीं.

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