अमेरिका-ईरान की अंतरिम डील फाइनल! क्या 24 घंटे के भीतर होगा बड़ा ऐलान? क्या-क्या है इस समझौते में बड़ी बातें

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:May 24, 2026 11:05 AM IST

US-Iran Interim Deal: अमेरिका और ईरान अगर अंतिम क्षण में कोई रणनीतिक दांव नहीं चलते हैं, तो अगले 24 घंटे पश्चिम एशिया युद्ध के आधिकारिक अंत के गवाह बन सकते हैं.

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US-Iran Interim Deal: व्हाइट हाउस में गोलीबारी की घटना से कुछ देर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अमेरिका-ईरान डील को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है. ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, समझौते के कई अन्य बिंदुओं के अलावा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को भी खोल दिया जाएगा. हालांकि ईरान की मीडिया ने होर्मुज खोलने वाली बात से नकारा है और कहा है कि यहां तेहरान का ही नियंत्रण रहेगा. एक अन्य रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपने को राजी हो गया है, जिससे इस डील की संभावना बढ़ गई है.

क्या कह रही है रिपोर्ट

सीएनएन, नेटवर्क 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान एक "अंतरिम शांति समझौता" पर हस्ताक्षर करने के बिल्कुल करीब हैं. शीर्ष कूटनीतिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि हफ्तों की पर्दे के पीछे की बातचीत के बाद, वार्ताकार और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ एक मसौदा संधि पर आधिकारिक तौर पर सहमत हो गए हैं। अगले 24 घंटों के भीतर अमेरिकी और ईरानी नेताओं की ओर से एक समन्वित और एक साथ घोषणा किए जाने की उम्मीद है.

कैसे मिली ये कामयाबी

तेहरान में वीकेंड पर आयोजित शिखर सम्मेलन में पाकिस्तानी और कतरी कूटनीतिक टीमों के निरंतर मध्यस्थता प्रयासों की बदौलत इस डील को अंतिम मुकाम तक पहुंचाया गया है. सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस सहमति-दस्तावेज को दोनों पक्षों के शीर्ष-स्तरीय वार्ताकारों के एक शक्तिशाली समूह की ओर से औपचारिक रूप से मंज़ूरी दे दी गई है.

ईरानी शासन का प्रतिनिधित्व करते हुए, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबफ़ ने तेहरान की ओर से इस दस्तावेज के कानूनी पहलुओं को अंतिम रूप देने में मुख्य भूमिका निभाई. अमेरिकी पक्ष की ओर से, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने, व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और विशेष प्रतिनिधि जेरेड कुशनर ने इसे फाइनल किया है.

क्या है इस अंतरिम डील में

शीर्ष खुफिया अधिकारियों के अनुसार, यह कोई स्थायी, सर्वव्यापी संधि नहीं होगी, बल्कि यह एक ठोस, बुनियादी "इरादे का पत्र" (letter of intent) होगा, जिसे सक्रिय शत्रुता को तुरंत रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. इस अंतरिम समझौते की रणनीतिक रूपरेखा 30 से 60 दिनों की तत्काल बातचीत की समय-सीमा तय करती है.

इस तयशुदा 'कूलिंग-ऑफ' (चरण के दौरान, दोनों देश यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि महत्वपूर्ण होर्मुज अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यातायात के लिए खुला रहे, और वहां कोई समुद्री शुल्क या नाकेबंदी न हो. इसके बदले में, अमेरिका कुछ विशिष्ट बैंकिंग संपत्तियों पर सशर्त और चरणबद्ध तरीके से राहत देना शुरू करेगा. इसी वर्किंग ग्रुप की ओर से इस समय-सीमा का उपयोग, ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा गारंटियों से जुड़ी बेहद जटिल और दीर्घकालिक तकनीकी बारीकियों को सुलझाने के लिए किया जाएगा.

क्या कहा है ट्रंप ने

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हूं, जहां अभी-अभी हमारी सऊदी अरब के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद, संयुक्त अरब अमीरात के मोहम्मद बिन जायेद, कतर के अमीर तमीम बिन हमद बिन खलीफा, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय; और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा के साथ एक बहुत अच्छी बातचीत हुई.

ट्रंप ने आगे लिखा कि यह बातचीत इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान और 'शांति' (PEACE) से जुड़े एक समझौता ज्ञापन (MOU) से संबंधित सभी मामलों के बारे में थी. एक समझौते पर मोटे तौर पर बातचीत हो चुकी है, जिसे अब संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और ऊपर सूचीबद्ध किए गए विभिन्न अन्य देशों के बीच अंतिम रूप दिया जाना बाकी है.

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