इन तीन मुद्दों पर हो सकती है अमेरिका-ईरान की बातचीत, इन्हीं से तय होगा आगे का रास्ता

US-Iran Talks: अगर अमेरिका और ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में आगे की बातचीत के लिए बैठते हैं, तो पिछले दौर से जुड़ी कई बाधाओं को हल करना होगा.

Published date india.com Published: April 20, 2026 6:55 AM IST
इन तीन मुद्दों पर हो सकती है अमेरिका-ईरान की बातचीत, इन्हीं से तय होगा आगे का रास्ता
(photo credit AI , for representation only)

US-Iran Talks: ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे चरण की वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है. हालांकि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि एक अमेरिकी टीम ईरान को फिर से बातचीत में शामिल करने के लिए पाकिस्तान जाएगी. आइये समझते हैं कि अगर परिस्थितियां बनीं तो, ईरान और अमेरिका के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हो सकती है.

ईरान की न्यूक्लियर डस्ट का क्या होगा

ईरान के पास लगभग 400 किलोग्राम 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम है, जिससे 10 से 15 परमाणु बम (90 फीसदी तक संवर्धित करने के बाद) बनाना संभव है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते संकेत दिया कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अमेरिका भेजने पर सहमत हो गया है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने तुरंत खारिज कर दिया और कहा कि यह मांग शुरू ही नहीं हो सकती है और न इस पर बातचीत होगी.

एक प्रस्ताव सामने आया है, उसके तहत तेहरान की ओर से अपना भंडार सौंपने के बदले में ईरान की संपत्तियों को जब्ती से मुक्त (unfreeze) करने की बात कही गई है. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने प्रतिबंधों में बड़ी राहत और 20 अरब डॉलर से अधिक की संपत्तियों को जब्ती से मुक्त करने की मांग की है.

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रूस ने भी इस समस्या को सुलझाने की कोशिश की है और कहा है कि ईरान संवर्धित यूरेनियमम को मॉस्को को भी सौंप सकता है.

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यूरेनियम संवर्धन पर बैन

ईरान के संवर्धन कार्यक्रम रोकने की समय सीमा भी मुद्दा है. ट्रंप ने कहा था कि तेहरान यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को अनिश्चित काल के लिए रोकने पर सहमत हो गया है. एक ईरानी अधिकारी ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि ईरान कभी भी यह स्वीकार नहीं करेगा” कि उनके देश पर अंतरराष्ट्रीय कानून से अलग कोई नियम लागू हो.

अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, शांति वार्ता के पहले चरण में अमेरिकी वार्ताकारों ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन को 20 साल तक रोकने का प्रस्ताव रखा था. ईरान ने इसके जवाब में पांच साल के निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है.

होर्मुज को फिर से खोलना

ईरान ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह होर्मुज को फिर से खोलेगा. लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं रही. ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता. इसके बाद में ईरान ने कहा कि वह शिपिंग पर फिर से पाबंदियां लगा रहा है. रविवार को अब तक, समुद्री यातायात के आंकड़ों से पता चला है कि किसी भी टैंकर ने इस जलडमरूमध्य को पार नहीं किया है.

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