क्या रहा US-ईरान बैठक का नतीजा? क्या खत्म हो जायेगा सीजफायर, इस्लामाबाद से वापस लौट रहा अमेरिकी दल
US Iran War Peace Talks: दशकों के कूटनीतिक तनाव के बाद, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठे. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में हुई इस सीधी बातचीत ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है.
US Iran War News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार (11 अप्रैल 2026) को दशकों से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल आमने-सामने बैठे. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी दल और ईरानी अधिकारियों के बीच हुई इस मीटिंग पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं.
हालांकि, बातचीत उम्मीदों के मुताबिक किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच सकी. बैठक के समापन के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अब वापस लौट रहा है. वेंस ने कहा, "हम खुले दिल से और समाधान की नीयत से यहां आए थे, लेकिन अब वार्ता का यह दौर समाप्त हो चुका है."
ईरान ने नहीं मानी अमेरिकी शर्तें
वेंस ने कड़े शब्दों में जानकारी दी कि अमेरिका ने अपनी ओर से फाइनल और बेस्ट प्रपोजल ईरान के सामने रख दिया था. हालांकि, ईरान ने फिलहाल अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते कूटनीतिक गतिरोध बरकरार है. वेंस ने कहा कि मुझे लगता है कि यह ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है, न कि अमेरिका के लिए. इसलिए, हम बिना किसी समझौते पर पहुंचे वापस जा रहे हैं.
परमाणु गारंटी पर अड़ा अमेरिका
इस पूरी वार्ता में गतिरोध का सबसे प्रमुख केंद्र परमाणु हथियारों का मुद्दा रहा. अमेरिका ने ईरान के सामने सबसे कड़ी शर्त यह रखी कि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात की पुख्ता गारंटी देनी होगी कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगा.
अमेरिकी पक्ष का तर्क है कि वे बातचीत के दौरान काफी लचीले रहे और उन्होंने एक सरल प्रस्ताव के साथ आपसी समझ का रास्ता भी सुझाया. लेकिन उपराष्ट्रपति वेंस ने साफ कर दिया कि परमाणु सुरक्षा एक ऐसा विषय है जिस पर अमेरिका किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकता. ईरान की ओर से फिलहाल इस शर्त पर कोई सकारात्मक संकेत न मिलने के कारण वार्ता अगले चरण में नहीं पहुंच सकी.
ईरान की चार शर्तें और कड़ा रुख
ईरानी मीडिया के अनुसार, बातचीत की मेज पर बैठते ही ईरान ने बेहद सख्त तेवर अपनाए. तेहरान ने अमेरिका के सामने चार प्रमुख शर्तें रखीं, जिन्हें पूरा किए बिना वह किसी भी समझौते पर आगे बढ़ने को तैयार नहीं है. हालांकि इन शर्तों का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें आर्थिक प्रतिबंधों में ढील और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. ईरान का रुख स्पष्ट है कि वह अब केवल वादों पर नहीं, बल्कि लिखित गारंटी और ठोस कदमों पर विश्वास करना चाहता है.
इजरायल पर दबाव की मांग
इस्लामाबाद वार्ता का एक बड़ा हिस्सा लेबनान संकट पर केंद्रित रहा. डॉन के मुताबिक, ईरान ने जोर देकर कहा कि लेबनान में तत्काल सीजफायर लागू होना चाहिए. ईरानी पक्ष ने अमेरिका से स्पष्ट रूप से मांग की है कि वह अपने सहयोगी इजरायल पर दबाव बनाए ताकि वह लेबनान पर हो रहे हमलों को रोके. लेकिन इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी.
इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान इस शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरा है. लेबनान के प्रधानमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपना प्रस्तावित अमेरिका दौरा टाल दिया है. कूटनीतिक हल्कों में चर्चा है कि अगले सप्ताह लेबनान और इजरायल के राजनयिकों की मुलाकात हो सकती है, लेकिन मौजूदा तनाव को देखते हुए किसी चमत्कार की उम्मीद कम ही है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हलचल
एक ओर जहां इस्लामाबाद के बंद कमरों में शांति की तलाश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जलक्षेत्र में सैन्य सक्रियता बढ़ गई है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में उन देशों की कड़ी आलोचना की थी जो इस वैश्विक जलमार्ग को सुरक्षित बनाने में सहयोग नहीं कर रहे हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा है. यहां से बारूदी सुरंगें हटाना न केवल जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि यह ईरान पर दबाव बनाने की एक अमेरिकी रणनीति भी हो सकती है. शिपिंग में होने वाली रुकावटें और तेल की कीमतों में उछाल ने अमेरिका को इस क्षेत्र में कड़े कदम उठाने पर मजबूर किया है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें