'ईरान से जल्द निकलेंगे, लेकिन फिर बरस सकते हैं बम...', डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, NATO छोड़ने का भी इशारा

Written By: Tanuja Joshi Updated by: Tanuja Joshi
Updated Date:April 1, 2026 11:28 PM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका जल्द ईरान से बाहर निकल सकता है, लेकिन जरूरत पड़ी तो फिर हमला करेगा. साथ ही NATO से बाहर होने का संकेत दिया, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया है.

Donald Trump New Threat: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान से अपनी सैन्य मौजूदगी खत्म कर सकता है, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो 'स्पॉट हिट्स' यानी सीमित सैन्य हमले दोबारा किए जा सकते हैं.

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ये बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. इस युद्ध ने न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है बल्कि वैश्विक तेल बाजार पर भी भारी असर डाला है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना था और अब वह क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है.

NATO से मुंह मोड़ने का संकेत

उन्होंने दावा किया कि ईरान अब परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं है. हालांकि, ईरान ने हमेशा इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताया है. इस बीच ट्रंप ने एक और बड़ा संकेत देते हुए कहा कि वह NATO से अमेरिका की भूमिका पर पुनर्विचार कर सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि NATO सहयोगी देशों ने ईरान मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं दिया. अगर ऐसा होता है तो यह वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

वहीं, संघर्ष का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होजुर्म (Strait of Hormuz) पर देखने को मिल रहा है. ये जलमार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम है. ईरान की तरफ से इस रास्ते पर नियंत्रण बढ़ाने के बाद कई तेल टैंकर फंस गए हैं, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. ट्रंप ने ये भी दावा किया कि ईरान की नई लीडरशिप युद्धविराम चाहती है, लेकिन अमेरिका तभी बातचीत करेगा जब होर्मुज को पूरी तरह खोला जाएगा.

दूसरी तरफ, ईरान ने किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि केवल सीमित स्तर पर संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर आर्थिक और रणनीतिक लड़ाई में बदल चुका है. तेल सप्लाई, समुद्री मार्ग और टेक्नोलॉजी सभी इस युद्ध के केंद्र में आ चुके हैं. अगर अमेरिका सच में पीछे हटता है, तो इससे अस्थायी राहत मिल सकती है. लेकिन स्पॉट हिट्स की चेतावनी साफ करती है कि ये संघर्ष पूरी तरह खत्म होने से अभी दूर है.

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