वॉशिंगटन: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन के सैनिकों बीच हुई झड़प के बाद अमेरिका (US) ने भारत (India) को ऐसे खतरनाक और प्रतिबंधित हथियार (MQ-1 Predator drones) देने की योजना बनाई है, जिससे अमेरिका और चीन के बीच तनाव और बढ़ जाएगा. अमेरिका ने हाल के महीनों में भारत को नए हथियारों की बिक्री की योजना तैयार की है, ”जिसमें सशस्त्र ड्रोन जैसी उच्च स्तर की हथियार प्रणाली और उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी शामिल हैं.” ट्रंप ने आधिकारिक रूप से उन नियमों में संशोधन किया है, जो भारत जैसे विदेशी भागीदारों के लिए सैन्य-स्तर ड्रोन की बिक्री को प्रतिबंधित करते थे. Also Read - चीन ने दूसरे दिन ताइवान के जलडमरु मध्‍य के ऊपर 19 फाइटर जेट उड़ाए, US को लेकर दी धमकी

अमेरिका भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है. मीडिया की एक खबर के अनुसार इन हथियारों में सशस्त्र ड्रोन MQ-1 Predator drones भी शामिल हैं, जो 1,000 पौंड से अधिक बम और मिसाइल ले जा सकते हैं. Also Read - 7 साल के निलंबन के बाद नेपाल में शुरू होंगी ट्रेनेें, यह पहली ब्रॉड-गेज यात्री रेलवे सर्विस होगी

भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद यह कदम काफी मायने रखता है. भारतीय सेना के 20 जवान 15 जून को हुई झड़प में शहीद हो गए थे. चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे, लेकिन उसने इसकी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है. अमेरिकी खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन के 35 सैनिक हताहत हुए थे. Also Read - लद्दाख सीमा विवाद: ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट तक चली बैठक, रक्षा मंत्री से लेकर सेना प्रमुखों ने की तैयारियों की समीक्षा

‘फॉरेन पॉलिसी’ पत्रिका ने अमेरिकी अधिकारियों और संसद के सहयोगियों के साक्षात्कारों के आधार पर एक रिपोर्ट में कहा, ” (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप का प्रशासन भारत और चीन के बीच सीमा पर हिंसक झड़प के मद्देनजर भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव का एक और मुद्दा खड़ा हो गया जाएगा.”

पत्रिका ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि अमेरिका ने हाल के महीनों में भारत को नए हथियारों की बिक्री की योजना तैयार की है, ”जिसमें सशस्त्र ड्रोन जैसी उच्च स्तर की हथियार प्रणाली और उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी शामिल हैं.”

ट्रंप ने आधिकारिक रूप से उन नियमों में संशोधन किया है, जो भारत जैसे विदेशी भागीदारों के लिए सैन्य-स्तर ड्रोन की बिक्री को प्रतिबंधित करते थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अमेरिका को सशस्त्र ड्रोन की बिक्री पर विचार करने की अनुमति मिलेगी, जो पहले उनकी गति और पेलोड के कारण प्रतिबंधित था. मामले से अवगत एक सांसद ने ‘फॉरेन पॉलिसी’ से कहा, ”वे भारत को सशस्त्र (श्रेणी-1) प्रीडेटर्स मुहैया कराने वाले हैं.” उन्होंने बताया कि ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन’ 1,000 पौंड से अधिक बम और मिसाइल ले जा सकता है.