अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन कोविड-19 महामारी से निपटने में भारत की मदद के लिए नौकरशाही की सभी बाधाओं को खत्म करते हुए मिशन मोड में काम कर रहा है.Also Read - इजराइल में घूमिये ये 10 खूबसूरत जगहें, टूरिस्टों को अब नहीं कराना होगा RT-PCR टेस्ट

भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर चल रही है जहां पिछले कुछ दिनों से संक्रमण के हर दिन तीन लाख से ज्यादा मामले आ रहे हैं और कई राज्यों में अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कमी हो गयी है. Also Read - भारत में Omicron के सब वेरिएंट BA.5 के एक और मरीज की पुष्टि, दक्षिण अफ्रीका से वडोदरा आया था शख्स

अमेरिकी सरकार के अंतर्गत रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य और मानव संसाधन विभाग, विदेश विभाग, यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) और अमेरिकी व्यापार के प्रतिनिधि भारत की जरूरतों को चिह्नित करने के साथ नौकरशाही की सभी बाधाओं को दूर कर जल्द से जल्द सभी चिकित्सकीय सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटे हैं. Also Read - सऊदी अरब में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, भारत समेत इन देशों में यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति जो बाइडन की टेलीफोन पर बातचीत के बाद प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हम प्रत्येक स्तर पर भारतीय अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क में हैं. हम अपने सहयोगियों, दोस्तों, ‘क्वाड’ के भागीदारों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि इस समय साथ मिलकर भारत की मदद कर सकें.’’

भारत सरकार के अनुरोध के मद्देनजर अमेरिका सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में कोविशील्ड टीके के उत्पादन के लिए कच्चा माल की आपूर्ति करेगा.

यूएसएआईडी और सीडीसी भी तकनीकी सहयोग और टीकाकरण को मजबूती देने के लिए अन्य चिकित्सकीय सामान मुहैया कराएगा.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि और किस तरह की मदद मुहैया करायी जा सकती है इस बारे में बाइडन प्रशासन पता लगा रहा है और जल्द से जल्द आपूर्ति की जाएगी.

रक्षा विभाग और यूएसएआईडी ऑक्सीजन निर्माण का साजो-सामान मुहैया कराने के लिए विकल्पों पर विचार कर रहा.