Myanmar Military Coup News: अमेरिका के पत्रकार संगठन ने म्यांमार में पत्रकारों की रिहाई की मांग की है. म्यांमार में सैन्य तख्तापलट (Myanmar Military Coup) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने के कारण गिरफ्तार किए गए एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकार थिन जॉ और पांच अन्य पत्रकारों की रिहाई की मांग करते हुए अमेरिका की ‘द सोसाइटी ऑफ प्रोफेशनल जर्नलिस्ट’ (Society of Professional Journalists) ने कहा कि अपना काम कर रहे पत्रकारों की गिरफ्तारी की घटनाओं से वह ‘हताश और परेशान’ है. देश के इस सबसे पुराने पत्रकार संगठन ने अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी हिरासत में लिए गए पत्रकारों पर लगे आरोपों को खारिज करने की मांग की है. Also Read - भारत की Myanmar में घटनाक्रम पर करीबी नजर, सभी मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझने की दी नसीहत

इसमें उन चार पत्रकारों का विशेषतौर पर जिक्र किया गया है, जिन्हें पिछले वर्ष हुए ‘ब्लैक लाइव्ज मैटर’ (Black Lives Matter) प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था. इंडियानापोलिस के इस संगठन ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि हम अमेरिका के सभी लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे उस अभियान से जुड़ें, जिसमें सरकारी अधिकारियों को यह बताया जाएगा कि ‘पत्रकारिता गुनाह नहीं है’. थिन जॉ को 27 फरवरी को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह सैन्य तख्तापलट के विरोध में आयोजित प्रदर्शन को कवर कर रहे थे. ‘SPJ’ ने भी उनकी रिहाई की मांग की है. Also Read - YouTube ने Myanmar सेना के पांच चैनलों को किया बंद, लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप

जॉ और अन्य पत्रकारों पर लोक व्यवस्था कानून का उल्लंघन करने का आरोप है तथा उन्हें तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है. एसपीजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष मैथ्यू हॉल ने एक वक्तव्य में कहा कि वे पत्रकार भी अन्य पत्रकारों की तरह ही अपना काम कर रहे थे. उन्हें इसके लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए. समूह ने कहा कि वह इस बात से हैरान है कि अमेरिका में पत्रकारों को लोक सेवा करने के कारण लगातार आरोपों का सामना करना पड़ रहा है.

(इनपुट-भाषा)