अमेर‍िका ने ईरान के सैन्य ठिकाने पर क‍िए हमले, कुवैत में सैन्य बेस पर कई मिसाइल-ड्रोन इंटरसेप्ट

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:May 28, 2026 10:12 AM IST

Iran War: अमेरिकी सेना ने ईरान में नए हमले किए हैं, जिनका निशाना एक सैन्य ठिकाना था. ईरान ने जवाब में कुवैत स्थित यूएस बेस पर मिसाइलें दागी हैं.

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Iran War: अमेरिका ने बुधवार रात ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर नए हमले किए. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी कुवैत में अमेरिकी बेस को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है. अमेरिका ने कई ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का भी दावा किया है.

अमेरिका ने क्यों किया हमला

अलजजीरा की खबरों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर नए हमले किए हैं. आरोप है कि यह ठिकाना होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना और समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहा था.

ईरान क्या कह रहा है

ईरानी मीडिया ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास बंदरगाह के पास हमला किया, जिससे कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बाद में कहा कि उसने बंदर अब्बास हमले के जवाबी कार्रवाई में एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया, और चेतावनी दी कि यदि अमेरिका का आक्रमण जारी रहा तो और भी निर्णायक कार्रवाई की जाएगी.

क्या कह रहा अमेरिका

एक अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना ने रात के समय ईरान में नए हमले किए. अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ड्रोन को भी रोका और मार गिराया, जो इसी तरह का खतरा पैदा कर रहे थे.

कुवैत का बयान

कुवैत की सेना ने कहा कि उसके हवाई सुरक्षा तंत्र ने "दुश्मन" मिसाइलों और ड्रोन का सामना किया, लेकिन उसने यह जानकारी नहीं दी कि यह हमला कहां से हुआ था. यह नए हमले तीन महीने पुराने युद्ध को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत के दौरान हुए. यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के हमलों के साथ शुरू हुआ था, जिसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और वैश्विक ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं.

ट्रंप को मंजूर नहीं ईरान का प्रस्ताव

बुधवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट को खारिज कर दिया. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि एक शांति समझौते के तहत ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली जहाजरानी का प्रबंधन करेंगे. ट्रंप ने कहा कि यह जलमार्ग खुला रहेगा.

तीन दिन पहले भी हुए थे हमले

अमेरिका ने आखिरी बार सोमवार को ईरान के खिलाफ 'रक्षात्मक हमले' किए थे. ईरान ने इन हमलों को दोनों देशों के बीच लागू नाजुक संघर्ष-विराम का उल्लंघन बताया था. तब अमेरिका के निशाने पर वे नावें थीं जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं.

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