
Shivani sharma
शिवानी शर्मा वर्तमान में India.com Hindi में Sub-Editor और Producer के रूप में काम कर रही हैं. यहां उनका काम समाचारों को लिखना, एडिट करना, और पाठकों तक सही रूप ... और पढ़ें
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की स्थिति दिन रोज खराब होती जा रही है. यहां कट्टरपंथी संगठन लगातार हिंदुओं पर अत्याचार कर रहे हैं और उन्हें अपना निशाना बना रहे हैं. यहां हिंदुओं के मंदिरों को ध्वस्त किया जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने हाल ही में बयान दिया है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मोहम्मद यूनुस सरकार को लेनी चाहिए.
अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने कहा कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम बांग्लादेशी सरकार पर देश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की रक्षा की जिम्मेदारी है. कांग्रेस सदस्य ब्रैड शेरमन ने मंगलवार को एक बयान में कहा, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का यह पूर्ण दायित्व है कि वो अपने हिंदू अल्पसंख्यकों की रक्षा करें. इसके आगे कहा गया कि अंतरिम सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि वो हजारों अल्पसंख्यक हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन का सार्थक ढंग से समाधान करें.’
शेरमन ने आगे अपने बयान में कहा कि वो बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पतन से पहले और उसके बाद हुए हिंसक दंगों के दौरान हुई हत्याओं और अन्य अधिकारों के उल्लंघन के लिए जांच की मांग के समर्थन में हैं. ये मांग बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क की तरफ से की गई है. वर्तमान प्रशासन को हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा के कृत्यों को खत्म करने मजबूती का प्रदर्शन करना चाहिए.
अमेरिकी हिंदुओं ने पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई और बांग्लादेश के हिंदुओं की सुरक्षा की मांग करते हुए व्हाइट हाउस के बाहर एक रैली आयोजित की थी.
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बारे में लोकसभा में लिखित प्रश्नों का उत्तर देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ढाका में भारतीय उच्चायोग हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है. उन्होंने दोहराया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी पड़ोसी देश की अंतरिम सरकार की है.
(Source – IANS)
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