वाशिंगटन: महात्मा गांधी ने अपने जिस पत्र में ईसा मसीह की मौजूदगी की प्रकृति पर चर्चा की थी, उसे नीलामी के लिये रखा गया है और इसे कोई भी 50,000 डॉलर की राशि देकर खरीद सकता है. पत्र पर छह अप्रैल, 1926 की तिथि अंकित है और गांधी ने इसे भारत में अपने साबरमती आश्रम से लिखा था. Also Read - चीन ने दूसरे दिन ताइवान के जलडमरु मध्‍य के ऊपर 19 फाइटर जेट उड़ाए, US को लेकर दी धमकी

हल्की स्याही में टाइप किया गया और गहरे रंग की स्याही से हस्ताक्षर किया यह पत्र बीते कई दशक से संग्रहित एक निजी संग्रह का हिस्सा था और अब पेनसिलवेनिया स्थित राब कलेक्शन इसकी नीलामी करने जा रहा है. अमेरिका के मिल्टन न्यूबेरी फ्रैंट्ज में ईसाई धर्मगुरू को लिखे पत्र में गांधी ने लिखा, ईशु मानवता के सबसे महान गुरुओं में से एक थे. Also Read - 5 चीनी हैकरों ने किया बड़ा साइबर अटैक, यूएस, भारत सरकार समेत 100 से ज्‍यादा कंपनियों डाटा चोरी किया

राब कलेक्शन के प्रधान नाथन राब ने इस पत्र को शांति की दिशा में धर्मों की दुनिया के लिये गांधी का दृष्टिकोण बताया. उन्होंने कहा, ईशू में उनका विश्वास मानवता के एक गुरु के तौर पर था, जो उनके समकक्ष व्यक्तियों के साथ समानता तलाशने का उनका एक प्रयास दर्शाता है. Also Read - चीन ने मुस्लिमों से जबरन मजदूरी कराकर तैयार किया सामान, अमेरिका ने कहा, 'हम नहीं खरीदेंगे'