वॉशिंगटन: अमेरिका के मेडिकल जासूसों ने कोरोना महामारी के विकराल वैश्‍विक रूप धारण करने से पहले ही भांप लिया था कि यह कितनी भयावह होगी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फरवरी के अंत में जब अमेरिकियों से कोरोना वायरस को लेकर नहीं घबराने का अनुरोध कर रहे थे, तो वॉशिंगटन के उत्तर में महज एक घंटे की दूरी पर स्थित अमेरिकी सेना के अड्डे पर स्थित खुफिया यून‍िट  में चिंता की लकीरें उभर आई थीं. इस सीक्रेट मेडिकल टीम चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस का संक्रमण 30 दिनों के अंदर ग्‍लोबल महामारी बन जाएगी. Also Read - बिहार में चुनावों के बीच कोरोना संक्रमितों की संख्या 2.09 लाख पहुंची, अब तक 1.97 हुए स्वस्थ

नेशनल सेंटर फॉर मेडिकल इंटेलीजेंस में खुफिया, साइंड और मेडिकल पेशेवर चुपचाप दशकों से चल रहा अपना काम कर रहे थे यानी अमेरिकी सेना को जोखिम में डालने वाले वैश्विक स्वास्थ्य खतरों पर नजर रख रहे थे. Also Read - महाराष्ट्र: महिलाओं व अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए लोकल ट्रेन में चलेंगे प्राइवेट गार्ड्स, उद्धव सरकार ने दी अनुमति

मेडिकल सीक्रेट यूनिट ने 25 फरवरी को चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस 30 दिनों के भीतर एक वैश्विक महामारी बन जाएगा और उसके अपने खतरे का स्तर भी बढ़ा दिया था. इसके महज 15 दिन बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को तेजी से फैल रही वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था. Also Read - रूसी टीका SPUTNIK-5 का ट्रायल कर रही कंपनी डॉ. रेड्डीज पर साइबर अटैक, काम हुआ बंद

चेतावनी के समय अमेरिका में कोरोना वायरस के बहुत कम मामले सामने आए थे. उसी दिन नई दिल्ली में मौजूद ट्रंप ने ट्वीट किया था, ” कोरोना वायरस अमेरिका में काफी हद तक नियंत्रण में है.” हालांकि, इसके फौरन बाद यह संक्रामक रोग दुनियाभर में फैल गया.

यह केंद्र अपना काम स्वास्थ्य एवं मानवीय सेवा मंत्री समेत रक्षा और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ साझा करता है. न्यूजवीक की एक खबर के मुताबिक 25 फरवरी की चेतावनी के बारे में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ को जानकारी दी गई थी, लेकिन यह अभी मालूम नहीं है कि क्या ट्रंप या व्हाइट हाउस के अन्य अधिकारियों ने इसे देखा था.

मेडिकल सीक्रेट यूनिट ने 25 फरवरी को चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस 30 दिनों के भीतर एक वैश्विक महामारी बन जाएगा और उसके अपने खतरे का स्तर भी बढ़ा दिया था.