वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी सेना भारत और चीन के बीच या कहीं और भी संघर्ष के संबंध में उसके साथ ”मजबूती से खड़ी रहेगी.” नौसेना द्वारा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने के लिए दक्षिण चीन सागर में दो विमान वाहक पोत तैनात किए जाने के बाद अधिकारी का यह बयान आया है. अमेरिका यह बयान इस बीच आया है, जब चीनी सेना ने गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग से सोमवार को अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी है. Also Read - IPL 2020: 'चीनी प्रायोजक जारी रखकर BCCI ने देश का अपमान किया'

व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टॉफ मार्क मीडोज ने एक सवाल के जवाब में ‘फॉक्स न्यूज’ को बताया, ”संदेश स्पष्ट है. हम खड़े होकर चीन को या किसी और को सबसे शक्तिशाली या प्रभावी बल होने के संदर्भ में कमान नहीं थामने दे सकते, फिर चाहे वह उस क्षेत्र में हो या यहां.”उन्हें बताया गया कि भारत ने पिछले महीने चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद कई चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया. Also Read - भारत को धर्मनिरपेक्षता जैसी 'पश्चिमी' अवधारणाओं की जरूरत नहीं: केएन गोविंदाचार्य

भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैंगोंग सो, गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग सहित पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आठ सप्ताह से गतिरोध जारी है. हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए. चीनी सेना ने गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग से सोमवार को अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी. Also Read - भारत और चीन की सेनाओं के कमांडर स्‍तर की बातचीत आज मोल्‍दो में

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को टेलीफोन पर बात की, जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सैनिकों के तेजी से पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए.

मीडोज ने कहा कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपने दो विमान वाहक पोत भेजे है. उन्होंने कहा, हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया यह जाने कि हमारे पास अब भी दुनिया का उत्कृष्ट बल है. चीन, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय विवादों में लिप्त है. चीन लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है. वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के भी क्षेत्र को लेकर उसके दावे हैं.

चीन के कारण अमेरिका, बाकी दुनिया को भारी क्षति पहुंची: डोनाल्‍ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि चीन के कारण अमेरिका और बाकी दुनिया को भारी क्षति पहुंची. पिछले कुछ महीनों से ट्रंप पूरी दुनिया में फैले घातक कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं.

चीन ने कोविड-19 की शुरुआती दौर में ही जानकारी क्यों नहीं दी, वायरस का प्रसार होने दिया
ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘ चीन के कारण अमेरिका और बाकी दुनिया को भारी क्षति पहुंची.’ कोरोना वायरस महामारी के कारण अमेरिका, पूरे यूरोप और भारत समेत दुनिया के अन्य देशों की अर्थव्यवस्था को लगभग थाम सा दिया.उन्होंने सवाल किया कि चीन ने कोविड-19 के बारे में शुरुआती दौर में ही जानकारी क्यों नहीं दी और पूरी दुनिया में वायरस का प्रसार होने दिया?

दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से 5,33,000 लोगों की मौत
दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से 5,33,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से सबसे अधिक 1,32,000 मौत अकेले अमेरिका में हुई हैं. अमेरिका करीब 30 लाख मामलों के साथ संक्रमण के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर है.