दावोस: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके इराकी समकक्ष बरहम सालेह ने इराक में अमेरिका की सैन्य भूमिका जारी रखने की जरूरत पर बुधवार को सहमति जताई. व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों ही नेताओं की मुलाकात स्विट्जरलैंड के दावोस में हुई. बगदाद में ईरान के एक शीर्ष जनरल की अमेरिकी ड्रोन हमले में हुई मौत के बाद इराक की संसद ने अमेरिकी सुरक्षा बलों को देश से बाहर करने पर विचार किया था. इस घटना के बाद पहली बार दोनों नेताओं की बीच मुलाकात हुई. Also Read - जो बाइडन ने अमेरिका में वैध आव्रजन को रोकने वाले प्रतिबंध को हटाया

व्हाइट हाउस ने कहा, ‘‘ दोनों ही नेता अमेरिका-इराक की आर्थिक और सुरक्षा साझेदारी को जारी रखने के महत्व पर सहमत हुए. इसमें आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई भी शामिल है.’’दोनों के बीच यह वार्ता दावोस में सम्मेलन से इतर हुई. Also Read - डोनाल्ड  ट्रंप ने नहीं कराए थे दंगे, किसी के भी पास पर्याप्त सबूत नहीं'

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वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ऐतिहासिक महाभियोग की सुनवाई मंगलवार को सीनेट में आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुरू हुई. डेमोक्रेट सांसदों ने सीनेट के नेता मिच मैककोनेल पर आरोप लगाया कि वह इस प्रक्रिया के लिए प्रस्तावित नियम लाकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. रिपब्लिकन मैककोनेल ने कुछ बुनियादी नियम प्रस्तावित किये हैं जिसके तहत पहले चरण में गवाहों और सबूतों पर कुछ कड़े प्रतिबंध लागू होंगे और यह मामला तेजी से आगे बढ़ेगा. उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस नियम को बदलने की डेमोक्रेट सांसदों की कोशिश को तुरंत रोक देंगे.

आपको बता दें कि ट्रंप के खिलाफ संसद के निचले सदन में चल रही महाभियोग की कार्यवाही को ऊपरी सदन सीनेट भेजने के पक्ष में सांसदों ने कुछ दिन पहले ही वोट किया. सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलने का फैसला आया था. ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में 228 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 193 सांसदों ने वोट दिया था.