संयुक्त राष्ट्र: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यहां बिना किसी निर्धारित कार्यक्रम के संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में पहुंचे और उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुना. ट्रंप का इस सम्मेलन में हिस्सा लेने का कोई कार्यक्रम नहीं था. राष्ट्रपति ने धार्मिक आजादी संबंधी कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले दस मिनट तक ध्यान से भाषण सुना.

 

उन्होंने जर्मन चासंलर एंजेला मर्केल का भाषण भी सुना. वह अपनी कोई बात कहे वहां से चले गये. जलवायु सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र महासभा का हिस्सा है और उसमें सामूहिक राष्ट्रीय आकांक्षा में एक लंबी छलांग लगाने पर चर्चा करने की योजना है. ट्रंप बार बार वैश्विक तापमान के कृत्रिम कारणों पर संपूर्ण वैज्ञानिक सहमति बनने के बारे में बार बार संदेह प्रकट कर चुके हैं. वर्ष 2017 में उन्होंने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था.

UN Climate Summit में बोले पीएम मोदी- अब सिर्फ बात नहीं, दुनिया को काम करके दिखाना होगा

मोदी ने भारत का अक्षय ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य बढ़ाकर 400 गीगावाट तक पहुंचाने का लिया संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिहाज से आदतों में बदलाव लाने के लिए एक वैश्विक जन आंदोलन की जरूरत बताई और भारत के गैर-परंपरागत (नॉन फॉसिल) ईंधन उत्पादन के लक्ष्य को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 400 गीगावाट तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया. मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में घोषणा की थी कि पेरिस जलवायु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता का पालन करते हुए भारत 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करेगा. (इनपुट एजेंसी)