टोक्यो: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सम्मान की भावना पैदा होने की सराहना की है. इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ भी बातचीत की इच्छा जाहिर की और कहा कि वह नहीं चाहते कि स्थितियां भयावह बनें. जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ शिखर वार्ता से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने उत्तर कोरिया की ओर से दिखाए गए युद्ध के तेवरों पर अपनी तरफ से नरमी दिखाई. उत्तर कोरिया ने पिछले महीने कम दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया था जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था.

ट्रंप ने आबे के कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, “मेरा निजी तौर पर मानना है कि उत्तर कोरिया के साथ सकारात्मक चीजें होने वाली हैं, मुझे ऐसा लगता है. मैं गलत भी हो सकता हूं, सही भी हो सकता हूं लेकिन मुझे ऐसा ही लगता है.” राष्ट्रपति ने कहा, “अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सम्मान बना है, संभवत: सम्मान बढ़ा है लेकिन हम देखते हैं कि क्या होता है.” गौरतलब है कि ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच हनोई में हुई वार्ता विफल रहने से दोनों देशों के बीच नये सिरे से तनाव उत्पन्न हो गया था.

राष्ट्रपति ट्रंप इस बात पर ध्यान दिलाया कि जब उन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला था तब, “हर वक्त परीक्षण होता था, परमाणु परीक्षण बहुत ऊंचे स्तर पर होता था और अब वह लगता है कि रुक गया है.” ट्रंप ने उत्तर कोरिया की ओर से किए गए हालिया मिसाइल परीक्षणों को “कुछ छोटे हथियार” बताते हुए रविवार को खारिज किया था. इस संबंध में उन्होंने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की बात को लगभग खारिज कर दिया. बोल्टन ने कहा था कि इन परीक्षणों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है.

इस बीच जापान के ‘इम्पीरियल पैलेस’ पहुंच कर राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को इतिहास रचा. वह जापान के नये सम्राट नारुहितो के साथ मुलाकात करने वाले पहले वैश्विक नेता बन गए. चार दिवसीय दौरे पर जापान पहुंचे ट्रंप का यहां भव्य स्वागत किया गया.