वॉशिंगटन: विश्‍व व्‍यापी कोरोना महासंकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को व्यापार समझौते को खत्‍म करने की धमकी दी है. ट्रंप ने मंगलवार को चीन के साथ व्यापार समझौता तोड़ने की धमकी दी क्योंकि उन्हें लगता है कि कोराना वायर महामारी के संकट में चीन उसका पालन नहीं कर रहा है. Also Read - Covid-19: जेल से बाहर आए लालू यादव ने ऑनलाइन मीटिंग में आरजेडी वर्कर्स से की से बातचीत

ट्रंप ने कहा, ”चीन को लेकर मैं जितना सख्त हूं, और कोई नहीं है.” उन्होंने फिर से दोहराया कि चीन कई साल से अमेरिका का फायदा उठाता आ रहा था और जब तक वह राष्ट्रपति नहीं बने, यह होता रहा. Also Read - Coronavirus Cases In India: कोरोना के आंकड़ों में मामूली गिरावट, 1 दिन में 3.66 लाख लोग संक्रमित 3747 लोगों की मौत

अमेरिकी प्रेसिडेंट ने कहा, कोरोना वायरस पर नई जानकारियां देने के लिए होने वाले नियमित दैनिक व्हाइट हाउस संवाददातासम्मेलन में कहा कि यदि चीन ने समझौते के प्रावधानों का सम्मान नहीं किया तो वह उसके साथ हुए व्यापार समझौते को समाप्त कर देंगे. Also Read - 'कोरोना वायरस को जैविक हथियार बनाकर युद्ध लड़ना चाहता था चीन, 2015 में किया था टेस्ट'

चीन प्राकृतिक आपदा (कोरोना वायरस महामारी) अथवा किसी अन्य आकस्मिक घटना की स्थिति में व्यापार समझौते में एक नया प्रावधान जोड़ सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच नए सिरे से बातचीत की जरूरत पड़ सकती है.

चीन के वुहान से शुरू हुई कोरोना महामारी से 45 हजार अमेरिकी मरे
बता दें कि चीन के वुहान शहर से शुरू हुई कोरोना वायरस महामारी के कारण अमेरिका में अब तक करीब सवा आठ लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और 45 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. यह संक्रमण और इस वायरस के कारण होने वाली मौतों का दुनिया का सर्वाधिक आंकड़ा है. वहीं चीन में इससे 82,788 लोग संक्रमित हुए हैं और 4,632 लोगों की मौत हुई है.

भरोसा है कि चीन प्राकृतिक आपदा का प्रावधान इस्‍तेमाल नहीं करेगा
यूएस राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा, ”यदि ऐसा हुआ तो हम समझौते को समाप्त कर देंगे और हम यह किसी भी अन्य की तुलना में बेहतर तरीके से करेंगे.” ट्रंप से पूछा गया था कि वह इस बात को लेकर भरोसे में हैं कि चीन प्राकृतिक आपदा के उस प्रावधान का इस्तेमाल नहीं करेगा, जिसका जिक्र व्यापार समझौते में किया गया है.

चीन ने कई साल फायदा उठाया, मैं राष्‍ट्रपति बना तो घाटा कम हुआ
ट्रंप ने फिर से दोहराया कि चीन कई साल से अमेरिका फायदा उठाता आ रहा था और जब तक वह राष्ट्रपति नहीं बने, यह होता रहा. उन्होंने कहा, एक बार गौर करिये, एक साल में 200 डॉलर, 300 डॉलर, 400 डॉलर, 500 डॉलर. कोई भी इस तरीके से कैसे होने दे सकता है? अब यदि आप पिछले साल के आंकड़े देखेंगे तो व्यापार घाटा कम हो गया है.

2018 में चीन के साथ व्यापार युद्ध की शुरुआत की थी
बता दें कि यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने 2017 में चीन के साथ 375.6 अरब डॉलर के अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने की मांग के साथ 2018 में चीन के साथ व्यापार युद्ध की शुरुआत की थी.

चीन को यूएस से 200 अरब डॉलर के सामान खरीदी की बाध्यता
चीन और अमेरिका ने इस साल जनवरी में दो साल से अधिक समय से जारी शुल्क युद्ध को समाप्त करते हुए व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के पहले चरण के तहत चीन को अमेरिका से 200 अरब डॉलर के सामानों की खरीद करने की बाध्यता है. इसके योजना के हिसाब से आगे चलते रहने के अनुमान हैं.

नए सिरे से बातचीत की जरूरत पड़ सकती है
अमेरिका-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग ने हालांकि एक रिपोर्ट में कहा है कि चीन प्राकृतिक आपदा (कोरोना वायरस महामारी) अथवा किसी अन्य आकस्मिक घटना की स्थिति में व्यापार समझौते में एक नया प्रावधान जोड़ सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच नए सिरे से बातचीत की जरूरत पड़ सकती है.