वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संसद के निचले सदन में चल रही महाभियोग की कार्यवाही को ऊपरी सदन सीनेट भेजने के पक्ष में सांसदों ने बुधवार को वोट किया. सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलेगा. ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में 228 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 193 सांसदों ने वोट दिया. Also Read - Donald Trump की बेटी Ivanka Trump ने PM मोदी के साथ की तस्वीरें शेयर कीं, लिखी ये बात...

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई को संसद के ऊपरी सदन सीनेट में भेजने के लिए निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ में बुधवार को मतदान होने का फैसला हुआ था. विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इसकी जानकारी दी थी. 435 सदस्यीय चिनले सदन में डेमोक्रेट्स बहुमत में हैं. Also Read - US Election 2020: कौन होगा अमेरिका का 45वां राष्ट्रपति.. ट्रंप या बाइडेन, वोटिंग हुई शुरू

US President Donald Trump India visit: भारत दौरे पर आ सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Also Read - तेजस्वी ने नीतीश से किया सवाल-बिहार को स्पेशल स्टेटस दिलवाने डोनाल्ड ट्रंप आएंगे क्या

सदन में एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जांच करने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाने के मामले में ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाते हुए पिछले महीने महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की. सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने अपनी पार्टी को एक बैठक के दौरान मतदान की जानकारी दी थी.

इसी बीच अमेरिका ने बुधवार को चीन के साथ पहले चरण के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक बताया है. करीब एक साल की बातचीत और महीनों तक वार्ता बंद रखने के बाद अंतत: दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने अपने युद्ध व्यापार से आगे बढ़कर समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए है.

आज होगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई को सीनेट भेजने के लिए मतदान

पहले चरण के समझौते में बौद्धिक संपदा संरक्षा और प्रवर्तन, जबरन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को खत्म करना, अमेरिकी कृषि के अभूतपूर्व विस्तार, अमेरिकी वित्तीय सेवाओं से अवरोध हटाना, मुद्रा के साथ छेड़छाड़ (जैसे अवमूल्यन आदि) खत्म करना, अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों को पुन:संतुलित करना और समस्याओं का प्रभावी समाधान निकालना शामिल है. इस समझौते पर राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के उपप्रधानमंत्री लियू हे ने हस्ताक्षर किए.