वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अफगानिस्तान के अपने समकक्ष अशरफ गनी से कहा कि अफगानिस्तान के लोग ‘‘अपना भविष्य तय करेंगे’’, लेकिन उन्हें आश्वस्त किया कि अमेरिका सितंबर तक अपने सैनिकों को वापस बुलाने के बावजूद ‘‘उनके साथ रहेगा.’’ अशरफ गनी के साथ व्हाइट हाउस में पहली आमने-सामने की मुलाकात में बाइडन ने कहा कि दक्षिण एशियाई देश के साथ अमेरिका की भागेदारी कायम रहेगी. बाइडन ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और सीईओ अब्दुल्ला अब्दुल्ला के साथ मीडिया के सामने पेश होते हुए व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, “अफगानिस्तान और अमेरिका के बीच साझेदारी समाप्त नहीं हो रही है. यह कायम रहेगी.”Also Read - अमेरिका में गर्भपात अवैध घोषित होने से हड़कंप, जो बाइडन की पार्टी ने कहा- हम ऐसा चाहने वाली महिलाओं की मदद करेंगे

बाइडन ने कहा, “हमारे सैनिक भले ही वहां से आ रहे हों, लेकिन अफगानिस्तान की सेना को बनाए रखने के साथ ही आर्थिक एवं राजनीतिक सहयोग के लिहाज से हमारा समर्थन समाप्त नहीं हो रहा है.” उन्होंने कहा, ‘‘अफगान अपना भविष्य तय करेंगे कि वे क्या चाहते हैं. लेकिन हम आपके साथ रहेंगे. और हम यह सुनिश्चित करने के सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे कि आपके पास वे सभी साधन उपलब्ध हों, जिसकी आपको आवश्यकता है.’’ Also Read - क्या है US का 50 साल पुराना 'रो बनाम वेड' गर्भपात केस, जिसे पलटने का हॉलीवुड स्टार भी कर रहे विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बैठे गनी ने कहा कि अफगानिस्तान अपने देश की रक्षा के लिए पिछले दो दशकों में अमेरिका द्वारा की गई मदद का शुक्रगुजार है. बाइडन और अफगान नेताओं के बीच मुलाकात ऐसे वक्त में हो रही है, जब तालिबानी लड़ाकों ने हाल के आक्रमण में अफगानिस्तान में दर्जनों अहम जिलों पर कब्जा जमा लिया है. Also Read - ऐतिहासिक फैसला: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को लेकर 50 साल पुराना कानून बदला, अब राज्य लगा सकते हैं रोक

गनी और अब्दुल्ला व्हाइट हाउस में बाइडन से मुलाकात के लिए अमेरिका की यात्रा पर हैं. यात्रा पर आए नेताओं ने रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन, सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स और शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व समेत बाइडन प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ मुलाकात की. अफगानिस्तान से निकलने की अमेरिका की तैयारियों के बीच, बाइडन ने कहा कि दोनों नेताओं के पास बहुत मुश्किल काम हैं.

उन्होंने कहा, “वे अफगान नेताओं के बीच एकता बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं. अफगानिस्तान के नागरिक अपना भविष्य निर्धारित करने जा रहे हैं कि वे क्या चाहते हैं. लेकिन इससे हमारी मदद में कमी नहीं होगी… बेवजह की हिंसा, इसे रोकना होगा, यह बहुत मुश्किल होने वाला है. लेकिन हम आपके साथ रहेंगे और हम भरसक कोशिश करेंगे कि आपको जिन चीजों की जरूरत हो वे आपको मिलें.” गनी ने कहा कि अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के नये युग में प्रवेश कर रहा है जहां साझेदारी न सिर्फ सैन्य होगी बल्कि परस्पर हितों के संबंध में व्यापक होगी. उन्होंने कहा, “हम अत्यंत प्रोत्साहित एवं संतुष्ट हैं कि यह साझेदारी हो रही है. प्राथमिकताएं तय करने के लिए धन्यवाद.” इससे पहले पेंटागन में रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने उल्लेख किया था कि कैसे रक्षा मंत्रालय ने अफगानिस्तान में सुरक्षा एवं स्थिरता तथा समझौता वार्ता के लिए बहुत अधिक प्रयास किए हैं.