वॉशिंगटन: सुप्रीम कोर्ट के जज पद के नोमिनेशन को लेकर अमेरिकी प्रशासन पर लगे आरोपों से उठे विवाद में अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कूद पड़े हैं उन्होंने इन आरोपों पर पलटवार किया है कि उनका प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के जज पद के लिए नामित ब्रेट कावानाह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले की एफबीआई जांच की हर बारीकियों में दखल दे रहा है.

ट्रम्प का डेमोक्रेट्स पर पलटवार
ट्रंप ने शुक्रवार को कावानाह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की एफबीआई जांच के आदेश दिए थे. एफबीआई जांच के आदेश दिए जाने के कारण सुप्रीम कोर्ट के जज पद पर कावानाह की नियुक्ति पक्की होने में और देर हो गई है. उलटे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विपक्षी डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ रोड़े अटकाना पसंद है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘‘वाह! सिर्फ अवरोध और देरी के बारे में सोचने वाले डेमोक्रेट्स को सुनना शुरू किया है. वे कहने लगे हैं कि एफबीआई की ओर से कावानाह और गवाहों की जांच का ‘समय’ और ‘दायरा’ पर्याप्त नहीं है. हलो! उनके लिए यह कभी पर्याप्त नहीं होगा.’’

न्यूयॉर्क टाइम्स और एनबीसी न्यूज दोनों ने कई सूत्रों के हवाले से बताया है कि व्हाइट हाउस उन गवाहों की संख्या को सीमित कर रहा है जिससे एफबीआई पूछताछ कर सकती है. ट्रंप ने अपने ट्वीट में इस बात पर जोर दिया कि एफबीआई अपने हिसाब से जांच करने के लिए ‘स्वतंत्र’ है. राष्ट्रपति ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘मैं चाहता हूं कि वह अपने विवेक के अनुसार जिसे उचित समझें, उससे पूछताछ करें.’’

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डेमोक्रेट असंतुष्ट
हालांकि, सीनेट की न्यायिक समिति के डेमोक्रेट सदस्य ट्रंप की इस सफाई से असंतुष्ट नजर आए. सीनेटर डियेन फाइंस्टीन ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘व्हाइट हाउस और एफबीआई को कावानाह की पृष्ठभूमि की जांच के दायरे पर ब्योरा जारी करना चाहिए और कांग्रेस को किसी भी आरोप के बारे में सूचित रखना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘असल जांच की जरूरत है और हमें सारे तथ्य हासिल होने चाहिए.’ ( इनपुट एजेंसी )