वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक की राजधानी बगदाद स्थित अपने दूतावास पर हुए हमले को लेकर ईरान को चेताया है. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए बड़ी कीमत चुकानी होगी. अमेरिका ने इस हमले के बाद मध्‍य पूर्व में 750 सैनिक तैनात कर रहा है. ट्रंप ने कहा, ”उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. यह धमकी नहीं है, खतरा है. नववर्ष मुबारक हो.” Also Read - Corona Vaccine News: अमेरिका ने Johnson & Johnson के टीके पर की अस्थायी रोक की सिफारिश, जानें वजह..

हालांकि, अमेरिकी कहा है कि ईरान के साथ युद्ध का विचार ठीक नहीं है, हालांकि उन्होंने बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हमले को लेकर चेतावनी दी है. Also Read - ईरान के नातान्ज परमाणु इकाई में क्‍या हुआ? इसे ईरानी न्‍यूक्‍लीयर चीफ ने ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

इराकी शिया मिलिशिया समर्थकों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने मंगलवार को अमेरिकी दूतावास परिसर की दीवार को तोड़ दिया था. उन्होंने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और रिशेप्शन क्षेत्र में आग लगा दी थी. Also Read - US Capitol Lockdown: अमेरिकी संसद के बाहर कार ने पुलिस अधिकारियों को मारी टक्कर, यूएस कैपिटॉल में लगा लॉकडाउन

प्रदर्शनकारी रविवार को हुए अमेरिकी हवाई हमलों का विरोध कर रहे थे, जिसमें कताइब हिजबुल्लाह (हिजबुल्ला ब्रिगेड) के कट्टरपंथी गुट के कम से कम 25 लड़ाके मारे गए थे. अमेरिका ने इस गुट पर अमेरिकी ठेकेदार की हत्या का आरोप लगाया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि ईरान में हालात से बेहतर ढंग से निपटा गया. ईरान के साथ युद्ध की आशंका के बारे में पूछने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि ईरान के लिए ये अच्छा विचार होगा. मैं शांति चाहता हूं. मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा.”

इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी. उन्होंने ट्वीट किया था, ”हमारे किसी भी प्रतिष्ठान में किसी की भी जान जाने या किसी भी प्रकार की क्षति के लिए ईरान पूरी ही तरह जिम्मेदार होगा.” ट्रंप ने कहा, ”उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. यह धमकी नहीं है, खतरा है. नववर्ष मुबारक हो.”

रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मंगलवार को कहा था कि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की त्वरित प्रतिक्रिया इकाई के करीब 750 सैनिकों को अगले कुछ दिनों में भेजने की तैयारी है. उन्होंने कहा, यह तैनाती अमेरिकी कर्मियों और प्रतिष्ठानों पर बढ़ते खतरों (जैसा कि आज बगदाद में हुआ) के बाद उचित और एहतियाती कदम हैं.

मंगलवार को हुए हमले के बाद दूतावास की सुरक्षा कड़ी करने के लिए अमेरिका ने नौसैनिकों के एक त्वरित प्रतिक्रिया दल को वहां पहले ही रवाना कर दिया था.